सीवान : पचरुखी पशु हॉस्पिटल में जिला पार्षद ने किया ताला बंदी
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✍दैनिक खोज खबर के लिए पचरुखी से धनंजय पांडेय के साथ विपेंद्र कुमार की रेपोर्ट
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पचरुखी/सीवान : हमेशा मरघट सी सन्नाटे के लिए जाना जाने वाला पचरुखी पशु अस्पताल आज हंगामे और शोर-शराबे से गुजयमान हो गया।ये हंगामा किसी पशुपालक ने नहीं बल्कि स्थानीय जिला पार्षद जयकरन महतो ने अपने समर्थकों के साथ किया।आरोपों के मुताबिक बार-बार के आग्रह के बावजूद भी पचरुखी पशु हॉस्पिटल की व्यवस्था में सुधार न होता देख स्थानीय जिला पार्षद जयकरन महतो आज उस समय एकाएक आग बबूला हो उठे,जब उनके सब्र का बांध टूट गया।जयकरन महतो का आरोप था कि पशु चिकित्सालय में व्यापक पैमाने पर अनियमितताएं बरती जा रही हैं।इस संबंध में श्री महतो ने सम्बंधित विभाग के अधिकारियों को कई बार पत्र लिखकर व्यवस्था में सुधार हेतु आग्रह किया परंतु परिणाम वही मिला ढाक के तीन पात।अंततः पार्षद श्री महतो ने आज प्रथम वर्गीय पशु चिकित्सालय पचरुखी में ताला जड़ दिया व अपने समर्थकों के साथ जमकर हंगामा किया।
पचरुखी प्रखंड मुख्यालय स्थित सरकारी पशु अस्पताल में डॉक्टर के महीनों से गायब रहने से तंग आकर आज स्थानीय जिला पार्षद जयकरन महतो में पशु अस्पताल ताला जड़ दिया।श्री महतो का आरोप था कि यहाँ पर कोई भी काम नियम से नहीं होता है।दवा वितरण से सम्बंधित पंजी भी प्रमाणित नहीं है।हॉस्पिटल के कर्मी प्रायः गायब ही रहते हैं।पशु हॉस्पिटल पर कुछ लोग अवैध कब्जा भी जमाये हुवे हैं।जबकि हॉस्पिटल के ऊपरी तल्ले पर पचरुखी एक अधिकारी का कब्जा है
पचरूखी का उक्त प्रथम वर्गीय पशु चिकित्सालय डॉक्टर व स्टाफ के नहीं आने से नकारा बना हुवा है।यहाँ महीनों से वेटनरी डॉक्टर गायब हैं।पशु हॉस्पिटल में झाड़ियां तक उग आई हैं।डॉक्टर के नहीं आने से पशुपालक अपने पशुओं को यहाँ लाते ही नहीं हैं।उक्त चिकित्सालय में पदस्थापित कप्यूटर ऑपरेटर महीने में मात्र एक बार ही आता है ।पशु चिकित्सा प्रभारी के सहायक शिवजी चौधरी की मानें तो हॉस्पिटल के स्टाफ वीरेंद्र सिंह सरकारी सरकारी संसाधन पर अपना निजी प्रैक्टिस करते हैं व मोटी रकम कमाते हैं।वीरेंद्र सिंह द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों मे  प्रति गर्भाधान 500/-रूपये तक वसुल किये जाते हैं।