सारण :विश्व गौरैया दिवस के अवसर पर राजेंद्र कॉलेज एनएसएस स्वयंसेवकों ने पौधा लगाकर मनाया

छपरा
राजेंद्र कॉलेज एनएसएस स्वयंसेवकों ने पौधारोपण कर विश्व गौरैया दिवस मनाया कार्यक्रम पदाधिकारी प्रोफेसर विभु कुमार और डॉक्टर पूनम एवं स्वयंसेवक आलोक गुप्ता इत्यादि ने भी पौधा लगाया। जैव -विविधता के संरक्षण हेतु सेभ गौरैया अभियान चलाने पर जोर दिया गया। स्वयंसेवक नारे भी लगा रहे थे। अगर गौरैया को बचाना है तो घर घर में घोसला बनवाना होगा, दाना पानी खिलाओ गौरैया बढ़ाओ, बाग बगीचे लगाओ गौरैया बसाओ ,सबसे सुंदर पंछी कौन नन्ही गौरैया नन्ही गौरैया, प्रकृति बचे गौरैया सजे, रासायनिक प्रदूषण घटाओ गौरैया लाओ । गौरैया एक 25 से 26 ग्राम की छोटी सी चिड़िया है जो हल्की भूरे रंग और सफेद रंग की होती है इसके भूरे रंग और सफेद रंग की होती है इसके शरीर पर छोटे छोटे पंख होते हैं और यह फुदक फुदक कर चलती है नर गौरैया की पहचान उसके गले के पास काले धब्बे से होती है यह काफी खूबसूरत दिखता है यह चिड़िया मनुष्य के बनाए घरों में पाई जाती है इसका पता मनुष्यों को भी शायद नहीं चला नीचे के भाग और गालों पर भूरा रंग होता है ।सुबह शाम घर आँगन मे पेड़ो की शाखों पर चहकने वाली गौरैया बड़ी तेजी से गायब होती जा रही है। इस कार्यक्रम को सफल बनाने मे स्वयंसेवक आलोक गुप्ता धीरज अंजलि विशाल आदि मौजूद थे।