समस्तीपुर:राष्ट्र कवि दिनकर की मनी 44 वीं पुण्यतिथि
##राष्ट्र कवि दिनकर की पुण्यतिथि पर उन्हें भारत रत्न देने की मांग-अभिनेता अमिय कश्यप

##✍न्यूज़ इनपुट केशव -बाबू
विभूतिपुर
विभूतिपुर प्रखंड क्षेत्र के टभका ग्राम स्थित राष्ट्र कवि दिनकर जी की 44वीं पुण्य तिथि उनके प्रतिमा पर माल्यार्पण के बाद मनाई गई और उसके बाद एक बैठक आयोजित की गई
बैठक में साहित्यकार राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर को भारतरत्न की मांग को ले साहित्यकारों व कवियों ने दिनकर की 44 वीं पुण्यतिथि पर उनके ससुराल टभका स्थित प्रतिमा पर माल्यार्पण के बैठक की
बैठक की अध्यक्षता वरिष्ठ साहित्यकार चाँद मुसाफ़िर ने और संचालन कवि रामबिलास प्रवासी ने की। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित बिहार सिने आर्टिस्ट एसोसिएशन के संयोजक सह चर्चित बॉलीवुड अभिनेता अमिय कश्यप ने राष्ट्रकवि दिनकर को भारतरत्न देने की मांग की
हिन्दी के सुविख्यात कवि रामाधारी सिंह दिनकर का जन्म 23 सितंबर 1908 ई. में सिमरिया, ज़िला मुंगेर (बिहार) में एक सामान्य किसान रवि सिंह तथा उनकी पत्नी मन रूप देवी के पुत्र के रूप में हुआ था। रामधारी सिंह दिनकर एक ओजस्वी राष्ट्रभक्ति से ओतप्रोत कवि के रूप में जाने जाते थे। उनकी कविताओं में छायावादी युग का प्रभाव होने के कारण श्रृंगार के भी प्रमाण मिलते हैं। दिनकर के पिता एक साधारण किसान थे और दिनकर दो वर्ष के थे, जब उनका देहावसान हो गया। परिणामत: दिनकर और उनके भाई-बहनों का पालान-पोषण उनकी विधवा माता ने किया। दिनकर का बचपन और कैशोर्य देहात में बीता, जहाँ दूर तक फैले खेतों की हरियाली, बांसों के झुरमुट, आमों के बगीचे और कांस के विस्तार थे। प्रकृति की इस सुषमा का प्रभाव दिनकर के मन में बस गया, पर शायद इसीलिए वास्तविक जीवन की कठोरताओं का भी अधिक गहरा प्रभाव पड़ा।
बैठक में अतिथियों द्वारा दिनकर को भारतरत्न देने की मांग को ले चरणबद्ध आंदोलन चलाने का भी विचार किया गया मौके पर प्रो.शशिभूषण चौधरी,प्रियरंजन ठाकुर आदि उपस्थित थे।