शौचालय निर्माण के बाद भी नहीं मिला प्रोत्साहन राशि , लाभुकों ने जताया बिरोध

महनार (वैशाली)प्रखंड के अल्लिपुरहट्टा पंचायत पूर्ण रूपेण ओ डी एफ घोषित होने के बावजूद शौचालय निर्माण करा चुके लाभुकों को राशि के लिए चक्कर लगाने को होना पड़ रहा है मजबूर, जीविका के लोग पहले दो -दो हज़ार की मांग कर रहे है तभी राशि खाते में भेजने की बात कर रहे है

महनार 11 फरवरी- महनार प्रखंड का अल्लिपुरहट्टा पंचायत जिसे सांसद ने आदर्श ग्राम के तहत गोद लिया है उस पंचायत के वार्ड संख्या 11 एवम् 13 के पांच दर्जन से अधिक लोग शौचालय निर्माण करने के बाद भी राशि के लिए प्रखंड कार्यालय से लेकर जीविका कार्यालय के चक्कर-चक्कर लगाते-लगाते परेशान है। आनन्-फानन में पंचायत को ओ डी एफ तो घोषित कर दिया गया लेकिन आलम यह है की आज भी 10 से 15 प्रतिशत लोगो ने शौचालय का निर्मान नहीं कराया है। जिन्होंने अपना -अपना शौचालय का निर्माण करा लिया है उनके खाते में राशि का भुकतान अभी तक नहीं हुआ है। पंचायत के वार्ड संख्या 13 निवासी फुलमंति देवी, रीता देवी, रामदुलारी देवी, देवकी देवी, लालमुनी देवी, सुनैना देवी सहित पांच दर्जन से अधिक महिलाओ ने बताया की हमलोगो ने शौचालय का निर्माण करा लिया और अभी तक राशि खाते में नहीं आई है। इन लोगो ने कहा की जीविका के लोग कहते है की पहले प्रति लाभुक दो-दो हज़ार रुपए देंगे तभी राशि खाते में भेजी जायेगी। बिना पैसे दिए राशि का भुगतान नहीं नहीं होगा।जिनलोगों ने दो हज़ार रुपए दिए है उनका राशि का भुगतान किया गया है। लाभुकों ने बताया की हमसभी प्रखंड एवम् जीविका के कार्यालय के चक्कर काटते काटते थक चुके है। इन लाभुकों ने बताया की हमलोगो ने सीमेंट ,बालू, गिट्टी आदि उधर लेकर शौचालय का निर्माण करवाया है और दुकानदार भी लगातार रुपए का तगादा कर रहा है। अब हम सब करे तो क्या करे। हमारी सुनाने वाला कोई नहीं है।बता दे की लगभग तीन वर्ष पूर्व सांसद रामविलास पासवान ने इसी पंचायत को आदर्श ग्राम के तहत गोद लिया था और इस पंचायत को स्मार्ट बनाने का वादा भी किया था लेकिन धरातल पर सारे वादे और संकल्प धरे के धरे रह गए और लोग शौचालय की राशि हेतु भटने को मजबूर है।वही इस सम्बन्ध में प्रखंड विकास पदाधिकारी महनार डॉ सुदर्शन से पूछे जाने पर उन्होंने बताया की इस प्रखंड में शौचालय निर्माण से लेकर राशि के भुगतान के लिए जीविका जिम्मेवार है।