
मढ़ौरा(सारण)। शनिवार की अहले सुबह 75 वर्षीय सेवानिवृत्त प्रो. श्यामनंदन सिंह का निधन की खबर सुनते ही उनके शुभचिंतकों व प्रशंसकों समेत पूरे मढ़ौरा क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई।सुबह से ही उनके मढ़ौरा आवास पर दिवंगत प्रो. श्यामनंदन सिंह के अंतिम दर्शन के लिए लोगों का तांता लगना शुरू हो गया।उनका अंतिम संस्कार रिविलगंज घाट पर किया जाना है। जिसके लिए शनिवार को उनकी शवयात्रा मढ़ौरा से रिविलगंज के लिए निकली। सहसा अचानक सा निधन की खबर सुन सभी शोकाकुल लोगों ने उन्हें अश्रुपूरित श्रद्धांजलि अर्पित की।परिजनों ने बताया कि देर रात नींद नहीं आने की शिकायत किये और रात के दो बजे चाय बनवाकर पिये और नींद नहीं आने पर फिर मोबाइल देखने लगे, इसी दौरान कुछ देर बाद उनकी निधन हो गई।मूल रूप से सारण जिले के रिविलगंज सेंगर टोला निवासी रामभरोसा सिंह के सात पुत्रो व दो पुत्रियों में दिवंगत प्रो. श्यामनंदन सिंह तीसरे नंबर पर थे।इनकी पढ़ाई व लालन पालन मढ़ौरा में ही हुई और इन्होंने एच आर कॉलेज में जूलॉजी विषय के प्रोफ़ेसर के पद पर योगदान किया और यहीं से सेवानिवृत्त भी हुए थे।समाज को अपनी शिक्षा दर्शन से मार्गदर्शित किया।फिर सामाजिक और बौद्धिक विकास के लिए अपनी पूरी क्षमता से जीनव के अंत तक सामाज से जुड़े रहे।उनकी संतानों में केवल पांच बेटियां ही है, जिनमें चार की शादी हो चुकी है।उनके निधन पर प्रो. भूपेश भीम,जेपी सिह शिक्षक व रंगकर्मी के.के श्रीवास्तव,जेपी सिंह, पूर्व वार्ड पार्षद, शैलेंद्र सिंह, अमर सिंह,पेंटर सिंह, मंटू प्रसाद समेत कई लोगों ने अपनी शोक संवेदना प्रकट की है।




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