गडखा प्रखंड के अर्शग्राम भैसमारा गाॅव के नागा बाबा मन्दिर पर सप्ताहिक श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ हुआ।इस पावन अवसर पर आस पास के नर-नारी बच्चो के अतिरिक्त स्थानीय मध्य विद्यालय के प्रधानाध्यापक सह राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार प्राप्तकर्ता अखिलेश्वर पाठक भी मैजुद थे जिन्होने कथा आरंभ होने से पूर्व नागा बाबा मन्दिर उद्धार समिति के सदस्यों के अनुरोध पर फीता काटकर दीप प्रज्जवलित किया और भगवान पुरूषोत्तम की कथा वाचक मंडल द्वारा वैदिक मंत्रोच्चारण पर पूजा अर्चना व माल्यार्पण किया।कथा की शुरूआत बृन्दावण के संगीतमय कथा मंडलियों द्वारा भगवान नायण के भजन व जैकारे से शुरू हुई।सभीं भक्तो ने खरा होकर दोनो हाॅथ उठाकर जयकारा किया और कथा वाचक मंडलियों का नंदन, वंदन व अभिनंदन कर कथा श्रवण किये।कथा वाचक मंडल के प्रधान कथा वाचक पंडित कृष्ण चन्द्र शास्त्री उन्होंने मलमास मे भगवान पूरषोत्तम के महिमा का वर्णन किया और निष्काम भाव से मलमास मे भगवान पूरषोत्तम का पूजा अर्चना करने की अपील की।पहले दिन के कथा का मुख्य विन्दु श्रीमद्भागवत कथा श्रवण करने के लाभ पर केन्द्रित रहा।श्रोता व कथा वक्ता के गुण को बताते हुए उन्होंने कहा कि कथा वाचक मे वो सम्मोहन शक्ति होना चाहिए की जब कथा प्रसंग चल रहा हो तो सबों का ध्यान भगवान नारायण व कथा पर केन्द्रित कराने मे सफल हो और श्रोता अपना ध्यान भटकने न दे।पूरषोत्तम मास मे कथा श्रवण का विशेष महत्व है।कथा समाप्ति पर आरती हुई और सभीं भक्तों व नर नारियो बच्चो के बीच प्रसाद वितरण किया गया। प्रसाद ग्रहण कर सभीं लोग घर लौटे।