
दिघवारा(सारण) : दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान के तत्वाधान में चल रहे जय गोविन्द उच्च विद्यालय मैदान, दिघवारा सारण में रामचरितमानस व गीता ज्ञान यज्ञ के तीसरे दिवस गुरुदेव आशुतोष महाराज जी के शिष्या साध्वी सुनीता भारती जी वास्तविक भक्ति के उपर प्रकाश डालते हुए बताया कि आज हर कोई किसी न किसी भगवान का पूजा अर्चना करता है लेकिन जितना ज्यादा पूजा अर्चना करता है उतना ही दुःखी परेशान नजर आता है क्या कारण है , जैसे एक व्यक्ति घी का सेवन करें और शरीर को लाभ नहीं मिले क्या कारण हो सकता है सरल सी बात है ( या तो घी नकली होगा या पेट का हाजमा खराब होगा ठीक इसी प्रकार या तो हमारा भक्ति का तरीका गलत है या हमारी सोच कही न कही गलत है जबकि इतिहास में ध्रुब प्रह्लाद मीरा अजामिल गणिका जैसे कई भक्तो ने भक्ति करके भगवान को प्राप्त कर लिया भक्त बन गए क्यू ? क्यू की वो सब भक्त समय के सतगुरु के द्वरा शास्वत भक्ति का तरीका को प्राप्त कर के भक्ति को किया इसीलिए भक्त बन गए भगवान को प्राप्त हो गए आज हमें भी नानक बुद्ध महावीर स्वामी रामानंद जी जैसे पूर्ण सतगुरु की जरूरत है जो दीक्षा के समय में ही घट के भीतर उस परमात्मा का अंश आत्मा का दर्शन करा दे दिव्य दृष्टि को खोल दे तब हम भी उस दिन से उसका सास्वत ध्यान कर भगवान की भक्ति को कर सकते है उन इतिहास के भक्तों के तरह ओर भक्त बन सकते है ओर मंच पर साध्वी पुष्पा भारती रंजना भारती गुरु भाई गोपाल जी तबला वादक रामचंदर जी सभी भजन प्रस्तुत कर मंत्रमुग्ध कर दिया।




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