*राष्ट्रीय हैन्डबाल रेफरी प्रशिक्षण शिविर के लिए सीवान की दो बेटियों का हुआ चयन*

*✍नवीन सिंह परमार*
*👉राष्ट्रीय हैन्डबाल रेफरी प्रशिक्षण शिविर के लिए चयनित होने वाली ये दोनों बेटियां बनीं  बिहार की प्रथम खेलाङी*
*👉रानी लक्ष्मीबाई स्पोर्ट्स क्लब मैरवा ने दिया बिहार को एक और बेहतरीन तोहफा*
♨शायद दुश्यंत ने सीवान के इन बेटियों को मिलने वाली कामयाबियों बहुत पहले ही भांप लिया था तभी तो उनकी कलम बोल उठी थीं- 
“कौन कहता है की आसमाँ मे सुराख नहीं हो सकता एक पत्थर तो तबियत से उच्छालो यारों”.
सीवान मैरवा  के  रानी लक्ष्मीबाई  स्पोर्ट्स क्लब की बेटियों को लगातार राज्य व राष्ट्रीय स्तर पर मिलने वाली उपलब्धियां  दुश्यंत के द्वारा वर्षों पहले कहीं गई इन  पंक्ती को चरितार्थ कर रहीं हैं. 
हालांकि कोई भी महीना ऐसा नहीं होता जिसमें सीवान की ये बेटियां हमें तोहफा के रूप में कोई न कोई उपलब्धियां नहीं देती. फिलहाल हम चर्चा कर रहें है इन बेटियों एक ऐसी उपलब्धि के संबंध में जो सीवान ही नहीं बिहार को किसी बेटी को मिलने वाला पहला उपलब्धि है.
रानी लक्ष्मीबाई स्पोर्ट्स क्लब की  सीनियर राष्ट्रीय खिलाडी धर्मशीला कुमारी एवं राधा कुमारी  राष्ट्रीय हैन्डबाल रेफरी बनने वाली सीवान ही नहीं बिहार की प्रथम खेलाङी बन गई है. इन दोनों बेटियों का चयन राष्ट्रीय हैन्डबाल रेफरी प्रशिक्षण शिविर हैदराबाद के लिए किया गया है और ये दोनों बेटियां बिहार का मान बढाने हैदराबाद पहुंच चुकी है और इनका प्रशिक्षण 01 जून से प्रारम्भ हो चुका है जो 05 जून तक चलेगा. 
इन दोनों बेटियों के प्रशिक्षक व सीवान  जिला हैन्डबाल संघ के  सचिव संजय पाठक ने बताया की बिहार हैन्डबाल संघ द्वारा आयोजित रेफरी की परीक्षा में सीवान के दोनों खिलाड़ियों ने  पास कर राष्ट्रीय रेफरी प्रशिक्षण शिविर  के लिए क्वालिफाई  किया है .बताते चले की बिहार से अब तक एक भी महिला राष्ट्रीय रेफरी नही है .इन दोनों का चयन बिहार राज्य हैन्डबाल संघ के महासचिव  ब्रजकिशोर शर्मा ने बेहतर रिजल्ट के आधार पर किया है .विदित हो की सीवान मैरवा धाम की राधा कुमारी स्व . हँसनाथ गोन्ड़ की सबसे बडी संतान है जिसके सर पर से बचपन में हीं पिता का साया उठ गया .किंतु उसने हिम्मत नहीं हारी आज अपने गुरू एवं प्रशिक्षक संजय पाठक के निर्देशन मे खेल मे अपना कैरियर बनाना चाहती है अभी वह गोरखपुर विश्वविद्यालय से बी .ए. फाइनल  की छात्रा है .राधा अभी तक लगभग दर्जनों बार बिहार टीम मे शामिल होकर राष्ट्रीय प्रतियोगिता खेल चुकी है वही बंगलादेश के ढाका मे आयोजित अंतरराष्ट्रीय मैच भी खेल चुकी है .जबकी बभनौली निवासी फागू राम की इकलौती संतान धर्मशीला कुमारी भी आधा दर्जन से अधिक राष्ट्रीय प्रतियोगिता खेल चुकी है तथा जुनियर वर्ग मे बिहार की कप्तान भी रह चुकी है .धर्मशीला भी बंगलादेश मे आयोजित अंतरराष्ट्रीय मैत्री मैच खेल चुकी है .दोनों खिलाडीयों को राष्ट्रीय रेफरी की ट्रेनिंग लेने और अन्य खर्च हेतु  आर्थिक सहयोग जिला हैन्डबाल के अध्यक्ष  ईश्टदेव  तिवारी एवं उपाध्यक्ष  काशिनाथ मिश्रा ने किया है .दोनों पदधिकारियों ने कहा की सीवान  के लिए गर्व की बात है हमारे जिले की दो बेटियाँ बिहार  की पहली महिला राष्ट्रीय हैन्डबाल रेफरी होंगी .
*✏श्रीनारद संवाद सेवा*