रमजान के महीने में खुल जाते हैं जन्नत के दरवाजे : हाफिज मो. नुरुद्दीन

#परवेज़ अख्तर/सिवान :
सदर प्रखंड के खगौरा गांव स्थित जामा मस्जिद के इमाम हाफिज मो. नुरुद्दीन साहब ने रमजानुल मुबारक पर फजिलत बयान करते हुए कहा कि रमजान का रोजा नोबुअत के 15वें साल यानी 10 सौवाल 2 हिजरी को मोमीनो पर रोजा फर्ज और सदकाए फित्र वाजिब हुआ। रमजान की पांच इबादतें खास है, रोजा, तरावीह, कुरान की तिलावत, एतकाफ और सबे कदर की रात की इबादत। हदीस शरीफ में है कि रमजान की पहली रात से ही जन्नत के तमाम दरवाजे खोल दिए जाते हैं और दोजख के दरवाजे बंद कर दिए जाते हैं साथ ही सैतानों को कैद कर दिया जाता है। इस माह में खुदा रिज्क बढ़ा देता है यानी रोजी में इजाफा कर देता है। इसलिए अल्लाह का हुक्म है कि इस माह में गरीबों की ज्यादा से ज्यादा मदद की जाए।
उन्होंने दूसरी ओर बताया कि जकात उन उन लोगों पर फर्ज जिनके पास साढ़े सात तोला सोना या 52.5 तोला चांदी हो या फिर इन दोनों के बराबर रुपये इनके पास हो। इस महीने में जकात देने का सवाब सत्तर गुना ज्यादा मिलता है। रमजान में नफिल नमाजों का सवाब फर्ज के बराबर और फर्ज नमाज का सवाब 70 फर्जों के बराबर मिलता है। रोजा हर बालिग, मर्द और औरत पर फर्ज किया गया है। बच्चों में भी रोजा रखने की आदत डालनी चाहिए।
——————-
रमजान के महीने में खुल जाते हैं जन्नत के दरवाजे : हाफिज मो. नुरुद्दीन




Recent Comments