धर्मेंद्र रस्तोगी/छपरा, 28 अगस्त। भाई-बहन का रिश्ता इस दुनिया के सबसे पवित्र, अनूठे और अमिट बंधनों में शुमार किया जाता है। लेखक सह वरीय पत्रकार धर्मेंद्र रस्तोगी ने अपनी इस मार्मिक और भावुक रचना के माध्यम से इसी रिश्ते की एक बेहद खूबसूरत तस्वीर पेश की है, जो बचपन की खट्टी-मीठी नोकझोंक से शुरू होकर बुढ़ापे की परिपक्व ममता तक का सफर तय करता है। यह आलेख भाई-बहन के बीच के उस भावनात्मक ताने-बाने को उजागर करता है, जहां हर पड़ाव पर प्यार का एक नया रूप देखने को मिलता है।

विज्ञापन

बचपन के दिनों में भाई और बहनों का रिश्ता किसी खुली जंग के मैदान जैसा प्रतीत होता है। साथ रहना, साथ खाना और साथ खेलना, लेकिन हर छोटी बात पर लड़ना-झगड़ना उनकी दिनचर्या का अहम हिस्सा होता है। रक्षाबंधन के पावन पर्व पर भी राखी बांधने और मिठाई खाने के तुरंत बाद नेग के पैसों के लिए शुरू हुआ झगड़ा इस रिश्ते की मासूमियत को बखूबी बयां करता है। हालांकि, यह नोकझोंक कब स्नेह में बदल जाती है, इसका अहसास खुद उन्हें भी नहीं होता।

देखते-देखते बहनें बड़ी हो जाती हैं और भाईयों की ढाल बनकर उनकी परवाह करने लगती हैं। बचपन में हर चीज में अपना हिस्सा मांगने वाली बहनें अचानक अपना हक भाईयों पर कुर्बान करने में तनिक भी संकोच नहीं करतीं। वह बड़े प्यार से कलाई पर राखी सजाती हैं और बदले में किसी उपहार या नेग की चाह नहीं रखतीं। यदि भाई कुछ दे दे तो ठीक, अन्यथा उनकी आंखों में छिपा स्नेह भाई के लिए दुनिया का सबसे बड़ा उपहार बन जाता है।

विवाह के उपरांत जब बहनें ससुराल चली जाती हैं, तब भी उनका यह आत्मीय रिश्ता कमजोर नहीं पड़ता। वह अपनी दैनिक प्रार्थनाओं और इंतजार में भाईयों को हमेशा शामिल रखती हैं। राखी के दिन वह साल-दर-साल भाईयों के आने का बेसब्री से इंतजार करती हैं, इस बात को जानते हुए भी कि व्यस्त जीवन और परिवार की जिम्मेदारियों के बीच भाईयों के पास समय का अभाव हो सकता है।

समय का पहिया आगे बढ़ता है और जब बहनें वृद्धावस्था की दहलीज पर कदम रखती हैं, तो वह बहन से सीधे मां की भूमिका में आ जाती हैं। उनकी बातों में स्नेह से सराबोर हिदायतें और छोटी-छोटी बातों पर डांट-फटकार इस बात का प्रमाण होती हैं कि उम्र बीत जाने के बाद भी उनका प्यार कम नहीं हुआ। लेखक अंत में एक भावुक सवाल छोड़ जाते हैं कि कोई इतने लंबे अरसे तक और इस हद तक किसी की परवाह कैसे कर सकता है? शायद यही वजह है कि भाई-बहन का यह पावन रिश्ता इंसानी जज्बातों की सबसे अनमोल मिसाल बन जाता है।

प्रमुख टैग्स: #RakshaBandhan #BrotherSisterBond #DharmendraRastogi #ChhapraNews #IndianFestivals #EmotionalRelations #SiblingLove #RakhiSpecial