मढ़ौरा में
छपरा – थावे रेलखंड पर अतिरिक्त ट्रेनों की मांग को लेकर आप का एक दिवसीय उपवास व धरना कार्यक्रम सम्पन्न

मढ़ौरा : छपरा कचहरी – थावे रेलखंड पर अतिरिक्त पांच जोड़ी ट्रेन चलाने की मांग को लेकर मढ़ौरा स्टेशन परिसर के बाहर एक दिवसीय उपवास व धरना आयोजित किया गया.शनिवार को आम आदमी पार्टी के जिलाध्यक्ष उमेश्वर सिंह उर्फ मुन्नी जी के नेतृत्व में धरनार्थियों ने स्टेशन परिसर में धरना कार्यक्रम को शांतिपूर्वक चलाया.उपवास व धरना कार्यक्रम की अध्यक्षता आप के प्रखंड अध्यक्ष वीरेंद्र कुमार यादव ने की.जबकि कार्यक्रम का नेतृत्व आप के जिलाध्यक्ष उमेश्वर सिंह उर्फ मुन्नी जी ने किया.धरना कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुये आप पार्टी के जिलाध्यक्ष उमेश्वर सिंह मुन्नी ने कहा की सरकार को पहले भी जिलाधिकारी के माध्यम से अपनी मांगों के लिये रेल मंत्री को पत्र दिया जा चुका है. इसके पहले भी 26 मार्च 18 को एक दिवसीय धरना देकर पार्टी ने अपना मांग रखा था.लेकिन केंद्र सरकार के मंत्री जनहित के मांगों को अनसुना कर रहे है. सरकार जन सुविधा के लिये इस रेलखंड पर ट्रेनों की संख्या बढ़ाकर , समय सारणी भी सुविधजनक तरीके से रखे , ताकि विद्यार्थी और दैनिक यात्रियों को जिला मुख्यालय से अपनी कार्य के लिये ससमय आ -जा सके.जिलाध्यक्ष ने कृषि ऋण , किसनों के बिजली बिल , डीजल-पेट्रोल के दाम घटाने की भी मांग किया.कार्यक्रम को संगठन सचिव राजवंशी सिंह और जिला सचिव रंजीत कुमार सिंह ने भी सम्बोधित किया.

सभी वक्ताओं ने रेल प्रशासन से दैनिक यात्रियों के सुविधा के लिये अतिरिक्त ट्रेन की मांगों का समर्थन किया और कहा की सरकार हमारी मांगे नहीं मानी तो हमें विवश होकर रेल चक्का जाम भी करना पड़ेगा तो हम करेंगें। हमें दमनकारी नीतियों से दबाने की कोशिश की जा रही है, लेकिन हम दबने वाले नहीं है.ज्ञात हो की उपवास व धरना कार्यक्रम को रेलवे पुलिस बल ने स्टेशन परिसर में यात्री सुविधायें प्रभावित होने के चलते नहीं होने दिया.जिसको लेकर धरनार्थियों और आरपीएफ में कुछ क्षण नोंक झोंक भी हुई थी.फिर धरनार्थियों ने रेल पुलिस बल की बातों को मान गये और अपना उपवास व धरना का कार्यक्रम स्टेशन परिसर से बाहर चबूतरे से संचालित किया.इस सम्बन्ध में आरपीएफ के एस. आई. भरत प्रसाद ने बताया की धरनार्थियों को रेल यात्रियों के सुरक्षा व सुविधा के ख्याल से स्टेशन परिसर में धरना से रोका गया.धरनार्थियों ने बात को समझा अपनी धरना को स्टेशन परिसर से बाहर संचालित कर रहे है.इससे रेल यात्री व रेल प्रशासन सहित सभी असुविधाओं से बच गये.विदित हो की इसी स्टेशन परिसर के समीप तीन माह पहले आम आदमी पार्टी ने धरना दिया था.लेकिन सरकार और रेल प्रशासन ने उनकी मांगों को अनसुना कर दिया.जिसको लेकर आम आदमी पार्टी ने फिर दुबारा शनिवार को उपवास व धरना का कार्यक्रम रखा था.हलांकि रेल मंत्रालय ने 11 अक्टूबर से त्रैसाप्ताहिक एक जोड़ी ट्रेनें छपरा कचहरी से थावे होकर लखनऊ तक एक्सप्रेस ट्रेन चलाने का शिड्यूल जारी किया है.जो इस रूट पर नाकाफी ही दिखता है. वो भी अक्टूबर माह तक इंतजार की घड़ियां भी देखनी पर रही है. इस उपवास व धरना के मौके पर अमन अखिलेश यादव, वीरेंद्र चौबे, पप्पू कुमार सिंह, अनिल कुशवाहा, बरकतुल्लाह, सलीम मियां, विनोद कुमार , संतोष चौरसिया, विष्णु कुशवाहा, संत ज्ञानेश्वर सहित अन्य भी थे.

सभी वक्ताओं ने रेल प्रशासन से दैनिक यात्रियों के सुविधा के लिये अतिरिक्त ट्रेन की मांगों का समर्थन किया और कहा की सरकार हमारी मांगे नहीं मानी तो हमें विवश होकर रेल चक्का जाम भी करना पड़ेगा तो हम करेंगें। हमें दमनकारी नीतियों से दबाने की कोशिश की जा रही है, लेकिन हम दबने वाले नहीं है.ज्ञात हो की उपवास व धरना कार्यक्रम को रेलवे पुलिस बल ने स्टेशन परिसर में यात्री सुविधायें प्रभावित होने के चलते नहीं होने दिया.जिसको लेकर धरनार्थियों और आरपीएफ में कुछ क्षण नोंक झोंक भी हुई थी.फिर धरनार्थियों ने रेल पुलिस बल की बातों को मान गये और अपना उपवास व धरना का कार्यक्रम स्टेशन परिसर से बाहर चबूतरे से संचालित किया.इस सम्बन्ध में आरपीएफ के एस. आई. भरत प्रसाद ने बताया की धरनार्थियों को रेल यात्रियों के सुरक्षा व सुविधा के ख्याल से स्टेशन परिसर में धरना से रोका गया.धरनार्थियों ने बात को समझा अपनी धरना को स्टेशन परिसर से बाहर संचालित कर रहे है.इससे रेल यात्री व रेल प्रशासन सहित सभी असुविधाओं से बच गये.विदित हो की इसी स्टेशन परिसर के समीप तीन माह पहले आम आदमी पार्टी ने धरना दिया था.लेकिन सरकार और रेल प्रशासन ने उनकी मांगों को अनसुना कर दिया.जिसको लेकर आम आदमी पार्टी ने फिर दुबारा शनिवार को उपवास व धरना का कार्यक्रम रखा था.हलांकि रेल मंत्रालय ने 11 अक्टूबर से त्रैसाप्ताहिक एक जोड़ी ट्रेनें छपरा कचहरी से थावे होकर लखनऊ तक एक्सप्रेस ट्रेन चलाने का शिड्यूल जारी किया है.जो इस रूट पर नाकाफी ही दिखता है. वो भी अक्टूबर माह तक इंतजार की घड़ियां भी देखनी पर रही है. इस उपवास व धरना के मौके पर अमन अखिलेश यादव, वीरेंद्र चौबे, पप्पू कुमार सिंह, अनिल कुशवाहा, बरकतुल्लाह, सलीम मियां, विनोद कुमार , संतोष चौरसिया, विष्णु कुशवाहा, संत ज्ञानेश्वर सहित अन्य भी थे.




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