मोतिहारी :-आर्थिक मजबूरी में भी सन्या ने अपने माता-पिता के सपनों को साकार किया। 

कहा जाता है कि एक लड़की को पढ़ाना,एक पूरे परिवार को पढ़ाने के बराबर होता है। कुछ ऐसा ही सोचकर सन्या राज के माता-पिता ने आर्थिक कष्ट के वावजूद इंग्लिश माध्यम से पढ़ाया जिसने अपने माता-पिता के आशाओ पर खड़ा उतरी और सीबीएसई के 10 वीं के परिणाम में 9.4 सीजीपीए लाई। अवधेश चौक के निवासी अशोक मिश्रा जो पेशे से एक प्राइवेट ट्यूटर है , अपने बच्ची को आगे पढ़ाने एवं बढ़ाने में कोई कसर नही छोड़ा।
 सन्या राज ने पूरे मेहनत के साथ परीक्षा दी और जब परिणाम आया तो काफी संतुष्ट और आगे पढ़ाने का हौसला बढ़ा। सबसे ज्यादा माता-पिता को खुशी हुई और अपने बेटी को गले लगाते हुए मिठाई खिलाकर आगे के पढ़ाई के लिए हौसला बढ़ाया .
सन्या को आगे पढ़कर आईएएस बनने का ख्वाब है जिसके माध्यम से समाज को योगदान देना चाहती है और देश की सेवा करना चाहती है। डीएम बनाकर समाज में फैली दहेज रूपी दानव को खत्म करना चाहती है और लड़कियों के जीवन में खुशियाँ भर देना चाहती है।