“माटी के रंग” कार्यक्रम में लोक कलाकारों ने बिखेरे अनेक मनोरम रंग

कलाकारों ने पारंपरिक वेशभूषा, नृत्य एवं गान से जीवंत किया लोक संस्कृति


मढ़ौरा(सारण)। गुरुवार की देर संध्या में भारत सरकार और कला,संस्कृति एवं युवा विभाग, बिहार सरकार के तत्वावधान में जिला प्रशासन के सहयोग से उच्च विद्यालय मढ़ौरा में ‘‘माटी के रंग’’ सांकृतिक संध्या का भव्य आयोजन हुआ। माटी के रंग कार्यक्रम की परिकल्पना सांस्कृतिक केन्द्र के निदेशक प्रोफेसर सुरेश शर्मा द्वारा की गयी है।
उतर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केन्द्र, प्रयागराज के संयोजकत्व में कलाकारों ने भारत के विभिन्न संस्कृतियों को मंच से मनोहर प्रस्तुति देकर खूब वाहवाही लूटी ।  कलाकारों की टीम ने देश के विभिन्न अंचल के लोकगीत व लोकनृत्यों का रंगारंग भव्य प्रदर्शन किया गया। कार्यक्रम की प्रथम प्रस्तुति मध्य प्रदेश से आये प्रहलाद कुर्मी की टीम द्वारा सुप्रसिद्ध राई नृत्य से की गयी। दूसरी प्रस्तुति हीरा राम एवं दल के राजस्थानी स्वागत गीत ‘‘पधारों म्होर देश’’ की हुयी। इस दल द्वारा राजस्थान का भवई नृत्य व घूमर नृत्य एवं मनमोहक चरी नृत्य को प्रस्तुत किया गया जिसका दर्शकों ने तालियों के साथ इनका खूब उत्साह बढ़ाया । तीसरी प्रस्तुति देवभूमि उतराखंड से आये प्रकाश विष्ट एवं दल की घसियारी नृत्य की रही, जिसका मधुर पहाड़ी संगीत और बहुत सुन्दर वेशभूषा ने सभी दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। पटना बिहार से आये अभय सिन्हा व दल द्वारा झिझिया व छह मासा झुमर नृत्य और उतर प्रदेश से आये धर्मेन्द्र व दल द्वारा राई लोक नृत्य की प्रस्तुति दी गयी।
इसके पूर्व मढ़ौरा एसडीओ योगेन्द्र कुमार व जिला एडीएम चंदम कुमार ओझा के द्वारा दीप प्रज्जवलित करके कार्यक्रम मंच का उद्घाटन किया गया । इस मौके पर मढ़ौरा डीएसपी इंद्रजीत बैठा समेत कई गणमान्य नागरिक भी उपस्थित रहें। भारत के पारम्परिक लोकगीत व नृत्य, पौराणिक भारतीय कला, संस्कृति को जीवंत रखने और जनमानस के लिए इस विशेष कार्यक्रम को देखने के लिए काफी संख्या में महिला, पुरूष व बच्चों की भीड़ जमा हुई। माटी के रंग कार्यक्रम का मंच संचालन सांस्कृतिक केन्द्र के कार्यक्रम अधिशाषी अजय गुप्ता द्वारा किया गया । उदघोषक ने माटी के रंग कार्यक्रम व लोकगीत के विषय में विस्तृत जानकारी दी गयी। कार्यक्रम संयोजन मनोज कुमार द्वारा किया गया।