दुर्गा दत्त पाठक की रिपोर्ट:-
रामनगर । वीटीआर जंगल से बाहर निकल कर एक बाघ बुधवार को रामनगर के काला कुम्हिया गांव की सरेह में एक बैल को गंभीर रूप से ज़ख्मी कर दिया। इसके वजह से उसका बायां पैर टूट गया। तथा उसके शरीर के कई हिस्सों में गहरा जख्म बन गया हैं। अब भी उसकी स्थिति बेहद नाजुक बनी हुई है। इसकों लेकर आसपास के सभी गांवों में दहशत का माहौल उतपन्न हो गया है। स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि बुधवार सुबह किसान पंकज राय के पालतू जानवरों के साथ एक बैल सरेह में चरने गया था। तभी वहां गन्ने से बाहर निकलकर एक बाघ सरेह में पहुंच गया। और देखते ही देखते वहां चरते उस बैल पर हमला बोल दिया। इस प्रकार वह लहूलुहान होकर तड़पने लगा। वहां उपस्थित पशुपालकों ने जब शोर मचाकर उसका बीच बचाव किया। तब वह फिर उसी गन्ने में जाकर घुस गया। बाघ को सरेह में देखते ही अचानक वहां मौजूद पशुपालकों और किसानों में अफरातफरी मची रही। इस वजह से वे अपनी जान माल की सलामती के लिए वापस घर लौट गये। वही ग्रामीणों को अब तक उसकी दहाड़ने कि आवाज सुनाई पड़ रही हैं। बाघ के हमलें को लेकर वीटीआर प्रमंडल 2 के चिउंटाहा वन प्रक्षेत्र के वनकर्मीयों ने घटना स्थल पहुंचकर सरेह का जायजा लेकर पुनः वापस लौट गए। तबसे दुबारा नही लौटे हैं। वह बाघ अभी भी किसान राकेश राय के गन्ने में डेरा ड़ाले हुआ है। इस संबंध में चिउंटाहा रेंजर सुरेंद्र सिंह से संपर्क नहीं हो सका हैं।अब देखना है कि घाघ से कैसे निजात मिलती है ।