दुर्गा दत्त पाठक की रिपोर्ट:-
मृत बंदियों के मामले में मानवाधिकार आयोग गंभीर
विचाराधीन वंदियों के मौत के मामले में विसरा जांच रिपोर्ट समय पर उपलब्ध नहीं कराने के मामले को राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग व राज्य मानवाधिकार आयोग ने गंभीरता से लिया है। विसरा रिपोर्ट भेजने में लापरवाही बरतने वालों को चिन्हित करने का निर्देश आयोग ने पुलिस को दिया है। पुलिस अधीक्षक जयंतकांत ने इस मामले में नगर थानाध्यक्ष को पत्र भेज निर्देश दिया है कि वे अविलंब विसरा रिपोर्ट को प्राप्त कर मानवाधिकार आयोग को भेजे। मामला यह है कि विचाराधीन वंदी बबलू दुबे उर्फ मिथलेश दुबे की हत्या 16 मई 2017 को न्यायालय परिसर में गोली मार कर दी गयी थी। यह मामला भी मानवाधिकार आयोग के पास लंबित है। इस मामले में बबलू दुबे के विसरा जांच रिपोर्ट की मांग की गयी थी। लेकिन समय पर रिपोर्ट नहीं सौंपा गया। दूसरा मामला साठी थाना क्षेत्र के बारी टोला के नथुनी साह का है। नथुनी की मृत्यु 18 जनवरी 2018 को एमजेके अस्पताल में हो गयी थी। जबकि तीसरा मामला शिकारपुर के मंसूर मियां का है। मंसूर मियां की मृत्यु 13 मई 2017 को पीएमसीएच में इलाज के दौरान हो गयी थी। चौथा मामला मनमोहन पटेल उर्फ सोहन पटेल का है। मनमोहन की मृत्यु 20 दिसंबर 2014 को हो गयी थी।