बेतिया/गौनाहा:-अवैध पत्थर, बालू मिश्कट से हो रहा है प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना का निर्माण

न्यूज इनपुट रामायण कुमार गौनाहा पं.चम्पारण बिहार :-
✍ सभी नियमों को ताक पर रख काम में लगा है संवेदक।

✍ ग्रामीणों का कथन है कि केवल मनरेगा योजना से नहीं रुकेगा मजदूरों का पलायन ।

पश्चिमी चम्पारण गौनाहा प्रखंड के धमौरा पंचायत के खैरटिया गांव में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना का निर्माण हो रहा है। जिसमें संवेदक द्वारा अवैध पत्थर बालू व मिश्कत का प्रयोग किया जा रहा हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि गरीबों को इंदिरा आवास निर्माण के लिए लोकल बालू पत्थर पर रोक लगा दिया गया है । प्रशासन गरीबों को अपना घर बनाने के लिए नदी से लोकल बालू पर पाबंदी लगा दी है  पकड़े जाने पर जेल भेज रही है ।

लेकिन संवेदक निर्भीक व निसंकोच भाव से सौकडों मीटर लंबी सड़क निर्माण में लोकल अवैध पत्थर, बालू, मिस्कट का उपयोग कर रहा है । इसके लिए प्रशासन मुकदर्शक बनी हुई है । आगे बताते चलें कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत धमौरा से सुपौल व खैरटिया गांव होते जंगल तक पक्की सड़क का निर्माण कराया जा रहा है । इस कार्य का शुभारंभ करने के पहले लगभग 1600 मीटर ईट सोलिंग को उखाड़ संवेदक द्वारा बिक्री कर दिया गया ।


वही सरेआम सभी माइनिंग के नियमों को धत्ता बोलते हुए सड़क निर्माण में पहले मिस्कट बिछाया गया। उसके बाद लोकल बालू डाला गया । अब लोकल अवैध सफेद पत्थर बिछाया जा रहा है । संवेदक द्वारा शिलापट्ट तो लगाया गया है लेकिन शिलापट्ट पर केवल सड़क की लंबाई दर्शायी गयी है । तथा संवेदक का नाम रवि कुमार रंजन लिखा गया है।

वही सड़क की लंबाई 1600 मीटर व चौड़ाई 20 फीट के करीब बताई जाती है । ग्रामिणों का कथन है कि मनरेगा योजना जिसका भुगतान छः माह से साल भर पर होता है । उस काम में मजदूरों को लगाया जाता है । प्रधानमंत्री योजना जहां नगद भुगतान है उस काम को सरकार मशीन द्वारा करवाती है ऐसे में भला कैसे रुकेगा बिहार के मजदूरों का पलायन ।