वैशाली :प्रतिमा विसर्जन के दौरान करंट की चपेट में आने से दो की मौत,आधे दर्जन से अधिक जख्मी
न्यूज़ इनपुट-प्रेम कुमार बिदूपुर हाजीपुर (वैशाली)

बिदुपुर थाने के कंचनपुर नदी घाट किनारे बिजली करंट से ग्यारह नौजवान और बच्चे झुलस गये।घटना के बाद सदर अस्पताल गये पाच लोगो में दो की मौत हुई तीन इलाजरत है।अन्य सभी का किसी निजी क्लिनिक ट्रामा सेंटर में इलाज चल रहा है।इस आकस्मिक घटना से ग्रामीणों में हाहाकार मची हुई है।
यू हुआ घटना——–
कंचनपुर घाट किनारे के वस्ती में सरस्वती पूजा के बाद मूर्ति विसर्जन के लिये ठेले को सजाकर निकाला गया।सड़क से सटे बिजली के ग्यारह हजार के तार गुजर रहे है,जो सड़क से महज दस फीट ऊंची है।ग्यारह हजार की तार से मूर्ति के गुम्बज का स्पर्श हुआ जिसके कारण करंट के चपेट में पूरा ठेला चला आया।जिसमे ठेले पर मूर्ति पकड़े चार युवक,साउंड ऑपरेटर सहित पाच लोग बुरी तरह झुलस गये और ठेले के आसपास सटकर चल रहे अन्य भी बिजली के शौक से जख्मी हो गए।घटना के बाद भगदर मच गई लोग मूर्ति छोड़कर भाग निकले।मूर्ति भी पूरी तरह से छतिग्रस्त हो गई।पावर सब स्टेशन से बिजली काटे जाने के बाद स्थिति सामान्य हुई,जिसके बाद झुलसे हुये लोगो को लेकर उनके घरवाले और परोस के लोग अस्पताल भागे।किशन राय, पिता रामनरेश राय, अखिलेश कुमार,अमीर लाल राय, धीरज कुमार,पिता पुनेला राय, राहुल कुमार पिता अमोद राय चारो कंचनपुर,संजीव ठाकुर पिता स्व सुनील ठाकुर साउंड ऑपरेटर नखास हाजीपुर इस सबको हाजीपुर सदर भेजा गया जिसमें किशन राय एवम सुनील ठाकुर की मौत हुई।

थाना प्रभारी रितेश मण्डल ने बताया कि घटना मूर्ति विसर्जन के दरम्यान हुई है।ग्यारह हजार के बिजली करंट के चपेट में आने से घटित मामले की पुलिस जांच कर रही है।
बिजली विभाग की लापरवाही बनी हादसे की वजह—–
वस्ती के युवकों ने धूमधाम से सरस्वती पूजा के बाद विसर्जन के जुलुस निकाले थे।उन सभी से चूक यही हुई कि सड़क के बगल से गुजरे ग्यारह हजार के तार और पोल को अनदेखा कर दिया जबकि बिजली विभाग का यह तार सामान्य ब्यक्ति के हाथ से भी छू जा सकते है।और यही हादसे के मुख्य कारण बने।हादसे के बाद जिन परिवारों के लड़के की मौत की सूचना उन्हें मिल चुकी है उनके घर में कोहराम मची हुई है,जबकि अन्य जो गम्भीर है और जीवन मृत्यु से जूझ रहे है उस परिवार में अनहोनी के अंदेशे छाये हुए है।पंचायत के पूर्ब मुखिया सुनील कुमार उर्फ काली राय ने बताया कि इस गम्भीर और भीषण घटना के लिये पूरी तरह से बिजली विभाग जिम्मेवार है।विभाग की लापरवाही और नजरंदाज के कारण यह घटना घटी है।