देसरी बाजार में रेलवे ढाला से दक्षिण लगे पीएचडी का खराब पड़े चापाकल

बाजार में लगा सार्वजनिक चापाकल खराब,
देसरी में पानी के लिए मचा हाहाकार

देसरी। देसरी बाजार में लगे एक मात्र पीएचडी विभाग के सार्वजनिक चापाकल के कई महीनों से खराब रहने से बाजार आने-जाने वाले लोगों के अलावा दुकानदारों को पानी के लिए दर-दर भटकना पड़ता है। देसरी बाजार में लगभग तीन सौ छोटे बड़े दुकाने एवं ग्रामीण बैंक, बैंक ऑफ इंडिया, स्टेट बैंक की शाखा है। जिसकों लेकर प्रतिदिन हजारों लोग देसरी बाजार आते है। बाजार आने के बाद प्यास लगने पर लोग चापाकल खोजने लगते है। पर एक भी सार्वजनिक चापाकल चालू नही रहने पर उन्हें पानी नही मिल पाता है। कुछ होटलों में कम गहराई पर लगे चापाकल है। जो दूषित आर्सेनिक युक्त पानी दे रहा है। मजबूरन लोगों को दूषित पानी से ही प्यास बुझाना पड़ता है। वही आर्थिक रूप से संपन लोग डिब्बा बंद पानी खरीद कर पीते है। रेलवे ढाला के दक्षिण तरफ अधिक गहराई पर लगे सरकारी चापाकल के खराब रहने पर दुकानदार मच्छु राय, आलोक कुमार, राजहंस, सात्यकि सिंह ने बताया कि ग्राहकों को पानी खरीद कर पिलाना पड़ रहा है।