
छपरा, 02 अगस्त:
पर्यावरण संरक्षण मिशन, छपरा के तत्वावधान में ऐतिहासिक पुरातात्विक स्थल चिरांद स्थित अयोध्या मंदिर परिसर में एक वृहद वृक्षारोपण अभियान का आयोजन किया गया। इस विशेष अभियान के तहत सैकड़ों महोगनी के पौधे लगाए गए। कार्यक्रम में मध्य विद्यालय, चिरांद के छात्र- छात्राओं के द्वारा पूरे उत्साह के साथ हिस्सा लिया और लगाए गए पौधों की निरंतर देखभाल एवं संरक्षण का संकल्प दोहराया गया। इस जन- जागरूकता अभियान में चिरांद विकास परिषद तथा ‘गंगासमग्र उत्तर बिहार’ की भी सक्रिय और महत्वपूर्ण सहभागिता रही।
पर्यावरण सुरक्षा केवल पौधारोपण तक सीमित नहीं: डॉ. राजीव रंजन सिंह
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित शहर के प्रख्यात हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. राजीव रंजन सिंह ने विद्यार्थियों एवं ग्रामीणों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि पर्यावरण की रक्षा केवल पौधे लगाने से पूरी नहीं होती, बल्कि इसके लिए हमें दैनिक जीवन में प्लास्टिक के उपयोग को न्यूनतम करना होगा। इसके अलावा सूखे एवं गीले कचरे का सही पृथक्करण (Segregation) और स्वच्छ जीवनशैली अपनाना भी उतना ही आवश्यक है। उन्होंने बच्चों से प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझने और उन्हें निभाने की अपील की।
जल स्रोतों एवं पारंपरिक जल संरचनाओं के संरक्षण पर जोर:
चिरांद विकास परिषद के सचिव श्रीराम तिवारी ने नदियों, तालाबों और प्राकृतिक जल स्रोतों के संरक्षण को आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य की आधारशिला बताया। वहीं, इंजीनियर अमरेश मिश्रा ने क्षेत्र के भू-जल स्तर को बढ़ाने के उपायों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने बिहार की पारंपरिक सिंचाई प्रणाली- आहर और पइन- के पुनरुद्धार तथा संरक्षण की नितांत आवश्यकता पर बल दिया।
हर वर्ष एक पौधा लगाने का संकल्प:
विद्यालय के प्रधानाध्यापक चंद्रभूषण ने सभी विद्यार्थियों से प्रत्येक वर्ष कम से कम एक पौधा लगाने और उसके पूर्ण रूप से विकसित होने तक उसकी देखरेख करने का आह्वान किया। इस अवसर पर सहायक शिक्षक प्रभू साह, स्वामी दिव्यात्मानंद जी महाराज, मंदिर के पुजारी बबुआ जी महाराज, अविनाश कुमार सिंह, प्रीतम सोनी, संदीप कुमार, अविनाश कुमार, राजकिशोर प्रसाद, चंदन भक्त एवं कमलाकांत सिंह सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित थे।




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