पैडबैंक से आत्मनिर्भर होंगी सारण की सहेलियां, 14 मार्च को छपरा में होगा उद्घाटन

ロ सारण की छात्राओं की पहल पर खुलेगा जिले का पहला पैडबैंक

छपरा: आधी आबादी लगातार नये अनुभवों के साथ समाज में अपनी आत्मनिर्भरता बढ़ा रही है. सारण की सहेलियां भी अब एक नये अनुभव के साथ समाज के साथ साक्षात्कार करने की राह में अग्रसर होंगी. जिले में पहली बार पैडबैंक की शुरुआत की जायेगी जो न सिर्फ आधी आबादी के लिये एक व्यवस्था बनेगी बल्कि एक नयी सोंच के साथ एक नया संदेश भी लेकर आयेगी. पैडबैंक का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवार की लड़कियों को सेनेटरी पैड उपलब्ध कराना तो होगा ही साथ ही माहवारी की विभिन्न समस्याओं और उससे होने वाली बीमारियों से सतर्क करना तथा मन के संकोच को दूर कर उन लड़कियो में आत्मविश्वास का संचार करना भी होगा.

14 मार्च को पहले सेंटर का होगा उद्घाटन

सारण की सामाजिक संस्था सोशल सर्विस एक्सप्रेस के प्रयास से एंजल द हेल्पिंग हैंड से जुड़ीं छात्राएं पैडबैंक को अस्तित्व में लाने की तैयारी पूरी कर चुकी हैं. 14 मार्च को पैडबैंक के पहले सेंटर का उद्घाटन होगा. छपरा शहर में इसका पहला सेंटर खोला जायेगा जहां से पैड उपलब्ध कराया जायेगा. एजंल द हेल्पिंग हैंड की छात्राओं के इस प्रयास को समाज के विभिन्न वर्गों का साथ भी मिलना शुरू हो गया है. शहर की महिला चिकित्सक डॉ किरण ओझा, डॉ प्रियंका शाही इस अभियान से जुड़ कर जागरूकता के कार्यक्रम चला रही हैं. वहीं पैडबैंक के लिये शहर के एक रेस्टोरेंट संचालक व सामाजिक कार्यकार्य नवीन ने जगह और पैड का खर्च उठाने की जिम्मेवारी ली है. स्नातक की छात्रा अर्चना, रौशनी, स्वाति, शालिनी, सोनम, जयश्री आदि इस अभियान की मॉनिटरिंग कर रही हैं.

कैसे कार्य करेगा पैडबैंक

इस योजना के तहत पहले चरण में शहर में एक केंद्र बनाया जायेगा. इस अभियान में फिलहाल एक दर्जन से भी अधिक छात्राएं जुड़ी हैं. इन छात्राओं द्वारा पहले अलग-अलग प्रखंडों में जाकर माहवारी से जुड़ी जानकारी व सुरक्षा से जुड़े सुझाव दिये जायेंगे. इसके बाद वैसी लड़कियां या महिलायें जो पैसे या जागरूकता के अभाव में सेनेटरी पैड का इस्तेमाल नही करती हैं उन्हें जागरूक करते हुए पहले पैड इस्तेमाल करने का सही तरीका बताया जायेगा. उसके बाद उनके एक पासबुक खोला जायेगा जिसमें उनका नाम और फोटो रहेगा. जिनका पासबुक खुलेगा उन्हें छपरा स्थित पैडबैंक से सेनेटरी पैड दिया जायेगा. इस योजना के सफल रहने पर जिले के अलग-अलग प्रखंडों में भी पैडबैंक खुलेगा. वहीं जो लड़कियां शहर आकर पैड ले जाना नही चाहती हैं उन्हें अभियान से जुड़ी छात्राएं घर जाकर पैड उपलब्ध करायेंगी. इसके लिये सोशल सर्विस एक्सप्रेस द्वारा अलग-अलग गांव में यूनिट तैयार किया जा रहा है.

साभार : प्रभात कुमार हिमांशु , छपरा