मंजूला की सफलता पर मुँह मिठा कराते परिजन

रसूलपुर की मंजूला दारोगा बन किया नाम रौशन, प्रथम प्रयास में हीं मिली सफलता

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ロ देवेन्द्र कुमार सिंह /रसूलपुर/एकमा(सारण)-स्थानीय रसूलपुर गांव की बेटी मंजूला ने अपने प्रथम प्रयास में ही दारोगा बन कर क्षेत्र का नाम रौशन किया है।प्रसिद्ध कथावाचक व शिक्षक स्व. सूर्यनारायण मिश्रा उर्फ बच्चा बाबा की पौत्री मंजूला इस कामयाबी का श्रेय अपने पिता पोस्ट मास्टर अरूण कुमार मिश्रा व माता राजरानी देवी तथा कोचिंग संचालक संतोष कुमार पाण्डेय को देती हैं।मंजूला के इकलौते भाई व रिकार्डिस्ट पिंटू मिश्रा कहते हैं सबसे छोटी बहन मंजूला के इस कामयाबी पर हमारा परिवार ही नहीं बल्कि पूरा गांव गौरवान्वित महसूस कर रहा है।मैट्रिक से लेकर स्नातक तक प्रथम श्रेणी से पास होने वाली मंजूला मैट्रिक आर एन हाई स्कूल योगिया,इंटर एसटीडी कॉलेज घुरापाली, और गणित में स्नातक रामजयपाल कॉलेज छपरा से की हैं।शुरू से ही मेधावी रहीं मंजूला के दादा एक उच्च कोटि के कथा वाचक और शिक्षक थे।तीन बहनों में सबसे छोटी मंजूला कहती है किआत्म बिश्बवास हो तो मंजिल मिल ही जायेगी।उसे आशा ही नहीं बल्कि पुरा विश्वास था कि माता-पिता, गुरूजन और उसकी मेहनत से उसे एक न एक दिन जरूर सफलता मिलेगी।