निजी क्लिनिक में भर्ती महिला की डॉक्टर ने परिजन के बिना अनुमति के खोल दिया पेट,बच्चे की मौत ,मामले की जांच के लिये टीम गठित
#धर्मेंद्र कुमार /तरैया(सारण)।(06.07.2019) :
आशा कार्यकर्ता की चंद रुपयों की लालच में एक नवजात शिशु की मौत हो गयी है।आशा कार्यकर्ता की रहमोकरम पर प्रखण्ड में कई अवैध नर्सिंग होम धड़ल्ले से चल रहे है।जहाँ आय दिन भोले-भाले गरीब ग्रामीणों को ठगा जाता है।और उपचार के नाम पर अवैध उगाही किया जाता है।एक ऐसे की मामला उजागर हुआ है।चैनपुर निवासी भरत महतो ने बताया को वह अपने बहु को प्रसव के लिए रेफरल अस्पताल में भर्ती कराया था।लेकिन वहाँ मौजूद चैनपुर वार्ड नम्बर 07 की आशा कार्यकर्ता ने उसे सरकारी अस्पताल से रेफर करवा दिया।और परिजनों से बोला कि तरैया अपना मार्केट में पटना की एक बढ़िया लेडीज डॉक्टर प्रतिमा सोनी है।उसके यहाँ ले जाकर 04 जुलाई को भर्ती करवा दिया।फिर वहाँ की लेडीज डॉक्टर ने बिना हमलोगों के अनुमति के लिए बहु का पेट खोल कर बच्चें को निकाल दिया।और बोली की बच्चा मर गया है।पहले हमलोगों दस हजार रुपये जमा करवा ली थी।फिर बोली कि दस हजार और जमा करो तब नवजात का शव मिलेगा और रोगी का उपचार होगा।हमलोगों ने डर से रुपया जमा कर दिया।पीड़ित ने इस संबंध में एक शिकायत प्रतिवेदन थाने में दिया है।पीड़ित का आरोप है कि निजी क्लिनिक के चंद रुपयों के कमीशन के लिए आशा ने उसे अवैध क्लिनिक में बिना डिग्री के डॉक्टर के यहाँ भर्ती करवा दिया जिससे नवजात शिशु की मौत हो गयी।पीड़ित ने आशा और फर्जी लेडीज डॉक्टर पर थानाध्यक्ष से करवाई की मांग की है।
*आरोपी आशा पर होगी करवाई:चिकित्सा पदाधिकारी*
रेफरल अस्पताल के चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. श्रीनाथ प्रसाद ने बताया कि आरोपी आशा पर करवाई की जाएगी।इस तरह के कार्य मे अगर और भी कोई आशा है तो उनपर भी जाँच कर करवाई होगी।
शिकायत मिली है जाँच की जा रही है:थानाध्यक्ष
थानाध्यक्ष राजेश कुमार ने बताया कि पीड़ित के आवेदन के आलोक में जाँच की जा रही है।दोषी पाये जाने पर करवाई होगी।
आशा और अवैध नर्सिंग होम के जाँच के लिए टीम गठित,दोषी पाए जाने पर अस्पताल से आशा का होगा निष्काषन और डॉक्टर पर होगी करवाई-
रेफरल अस्पताल से प्रसूति के लिए निजी नर्सिंग होम में महिला को भर्ती करवाने वाली आशा और नर्सिंग होम के जाँच के लिए टीम गठित कर दिया गया है।रेफरल अस्पताल के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ श्रीनाथ प्रसाद ने बताया कि जाँच के लिए टीम गठित कर दी गयी है।जाँच टीम पहले यह जाँच करेगी कि रेफरल अस्पताल से कौन आशा मरीज को बहला-फुसलाकर निजी नर्सिंग होम में ले गयी है।उक्त नर्सिंग होम के डॉक्टर के डिग्री की जाँच की जाएगी।फिर यह जाँच किया जायेगा उक्त नर्सिंग होम मानक मलदण्ड के अनुरूप है या नही उसमें ऑपरेशन के लिए वतानुकूलित कमड़े है या नहीं अगर नर्सिंग होम मानक मापदंड के अनुरूप नही पाया गया तो उस नर्सिंग होम के संचालक डॉक्टर पर करवाई की जाएगी।और इस तरह के कार्य मे संलिप्त पायी जाने वाली आशा का रेफरल अस्पताल से निष्काषन होगा।ज्ञातव्य हो कि चैनपुर गाँव के भरत महतो के बहु को प्रसव होना था।जिसे परिजनों ने रेफरल अस्पताल में भर्ती करवाया था।लेकिन उस वार्ड की आशा उसे रेफर करवाकर तरैया अपना मार्केट के एक निजी डॉक्टर के यहाँ भर्ती करवा दिया।जहाँ प्रसव के दौरान निजी लेडीज डॉक्टर ने बिना परिजनों के परमिशन के ही महिला का अपरेशन कर दिया।और नवजात शिशु की मौत हो गयी।तो नवजात का शव देने के लिए निजी डॉक्टर ने दस हजार का डिमांड किया।जिसकी शिकायत परिजनों ने थाने में किया है।जिसके आलोक में प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी ने यह कदम उठाया है।और वरीय पदाधिकारियो को सूचना भेजी है।




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