सीवान :एकाउंटेंट से दुर्व्यवहार की जांच कर कुलपति को सौंपी रिपोर्ट
#परवेज़ अख्तर 
 सिवान : 
मंगलवार को विद्या भवन महिला कॉलेज में रसायन शास्त्र के प्रोफेसर द्वारा लेखापाल के साथ किए दुर्व्यवहार के मामले में जय प्रकाश विश्वविद्यालय के कुलपति ने कड़ा रुख अपनाते हुए तीन सदस्यीय टीम को जांच करने के लिए भेजा था। टीम में विश्वविद्यालय के प्रॉक्टर डॉ. उमाशंकर यादव, जनसंपर्क पदाधिकारी प्रो. डॉ. केदारनाथ एवं इंस्पेक्टर ऑफ कॉलेज आर्ट्स प्रो. डॉ. सुधाबाला शामिल थीं। 
टीम ने कॉलेज में पहुंच कर छात्राओं, शिक्षकेतर और गैर शिक्षकेतर कर्मियों, आरोपित प्रोफेसर, लेखपाल एवं प्राचार्य से लगभग पांच घंटे तक बारी-बारी से पूछताछ की तथा सभी से लिखित में भी लिया। जांच टीम सभी से पूछताछ करने के बाद वापस चली गई।
 बताते चलें कि मंगलवार को प्रो.  जमालुद्दीन द्वारा महिला लेखापाल संगीता कुमारी को अभद्र भाषा का प्रयोग कर बुरा-भला कहा था। अखबारों में यह खबर प्रकाशित होने पर संज्ञान लेते हुए कुलपति ने टीम गठित कर जांच ले लिए भेजा था। कुलपति डॉ. हरिकेश सिंह ने बताया कि गुरुवार को बिहार बंद रहने के कारण मैं कार्यालय नहीं जा सका लेकिन इसके बावजूद जांच टीम ने मेरे आवास पर आ कर रिपोर्ट दी है। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद हम सभी इसपर आपस मे बात कर रहे हैं। हर बिंदु पर चर्चा की जा रही है। इसमें जो भी दोषी पाया जाएगा, उसपर कार्यवाई की जाएगी। 

बोले आरोपित प्रोफेसर
प्रो. जमालुद्दीन ने बताया कि मैंने विगत चार दिसंबर को अग्रिम पेमेंट के लिए आवेदन किया था। पूर्व में दो शिक्षकों को अग्रिम पेमेंट किये जाने के बाद हमें भी अचानक पैसे की जरूरत पड़ी तो मैंने प्राचार्य से इसपर बात की। उन्होंने कहा कि आवेदन कर दीजिए, मिल जाएगा। आवेदन करने के बाद जब मैंने प्राचार्य से कहा तो वो टाल मटोल करने लगे। इस बीच मैं मानसिक प्रताड़ना से गुजर रहा था। मेरी पत्नी का इलाज चल रहा है। अगर मेरी जुबान से लेखापाल को कुछ निकल गया तो मैं इसके लिए प्राचार्य के कहने पर लिखित रूप में मांगी भी मांगी थी। इसके बावजूद प्राचार्य का यह रूप शोभा नही देता है। वे इस कॉलेज में 2003 से कार्यरत हैं।