तरैया (सारण)22.01.2020:
राज्य के थोक व खुदरा दवा दुकानों को फार्मासिस्ट की उपलब्धता एवं तकनीकी गलती के नाम पर विभागीय उत्पीड़ित एवं शोषण के विरोध में 22 , 23 व 24 जनवरी 2020 को तीन दिवसीय बन्दी करते हुए बिहार केमिस्ट्स एण्ड ड्रगिस्टस एसोसिएशन ने सरकार से माँग की है।जिसमें फार्मासिस्ट समस्या का जब तक सरकार के द्वारा समाधान नही हो जाता है तब तक विभाग द्वारा जारी किये गये सभी अनुज्ञप्तिधारी के साथ निरीक्षण के दौरान इस नियम की आड़ में विभागीय उत्पीड़ित एवं शोषण को बंद किया जाये व इस नियम के आलोक में किये गये विभागीय कार्यवाई के ऊपर राहत दिया जाए। दवा दुकानों में निरीक्षण ड्रग एक्ट में परिभाषित फॉर्मेट के अनुसार ही होना चाहिए।निरीक्षण के लिए जारी किए गए विभागीय ज्ञापांक 262(15)दिनांक 29.03.2019 को अविलम्ब निरस्त किया जाए।निरीक्षण के क्रम में पाए गए तकनीकी गलतियों के ऊपर दंडित करने के पहले उसे सुधार के लिए उचित समय दिया जाये।राज्य के दवा दुकानों में विभागीय निरीक्षण में एकरूपता एवं पारदर्शिता बनी रहे,इसके लिए विभाग की ओर से एक दिशा निर्देश जारी किया जाए,जिसकी पूरी जानकारी राज्य के केमिस्ट को हो।अनुज्ञप्ति के नवीकरण में केंद्र सरकार द्वारा जारी अधिसूचना के आलोक में राज्य औषधि नियंत्रक द्वारा चालान जमा करने में एक स्पष्ट दिशा निर्देश जारी किया जाए।विभागीय निरीक्षण का उद्देश्य सुधार का होना चाहिए, न कि उसके नाम पर उत्पीड़न एवं शोषण किया जाए। साथ ही एसोसिएशन द्वारा यह भी कहा गया है कि सरकार द्वारा उपरोक्त मांगों पर उचित निर्णय नहीं लेगा तो अगला आंदोलन अनिश्चितकालीन के रूप में होगा।तरैया दुकानदार कौशल कुमार सिंह ने बताया कि उक्त बन्दी के समर्थन में सत्यम मेडिकल ,भूषण मेडिकल, खुशी मेडिकल,अप्सरा मेडिकल, मास्टर मेडिकल,शिवम ड्रग,नवीन मेडिकल सहित दवा की सभी दुकान को बंद रखा गया है।




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