जैनेन्द्र दोस्त के निर्देशन में ‘भिखारीनामा’ एवं ‘बेटी-बेचवा’ नाटक की टीम मुंबई व दिल्ली के लिए रवाना

छपरा : जैनेन्द्र दोस्त द्वारा निर्देशित दो नाटक ‘भिखारीनामा’ एवं बेटी-बेचवा’ की टीम आज (10.02.2020) मुंबई के लिए रवाना हो चुकी है। भिखारी ठाकुर लिखित बेटी-बेचवा नाटक का मंचन 12 फ़रवरी को मुंबई में आयोजित 12वें राष्ट्रीय वसंत नाट्योत्सव में किया जाएगा। मुंबई के मंचन के बाद यह टीम दिल्ली रवाना होगी एवं वहाँ 14 फ़रवरी को 21वें भारत रंग महोत्सव ‘भिखारीनामा’ का मंचन करेगी। भिखारी ठाकुर रंगमंडल प्रशिक्षण एवं शोध केंद्र की इस इन दोनों प्रस्तुतियों में छपरा, आरा, आज़मगढ़, पटना तथा दिल्ली के कलाकार शामिल हैं। हाल में आयोजित भिखारी ठाकुर रंग महोत्सव में भी जैनेन्द्र दोस्त द्वारा निर्देशित बेटी-बेचवा नाटक का मंचन किया गया था जिसे दर्शकों ने खुब सराहा एवं नाटक के समकालीनता पर चर्चा किया था। मुंबई विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित 12 वें राष्ट्रीय वसंत नाट्योत्सव देश का एक प्रतिष्ठित नाट्य महोत्सव है। इस सात दिवसीय नाट्य महोत्सव में देश के प्रसिद्ध रंग निर्देशक अपने नाटकों के साथ हिस्सा ले रहे हैं।
दूसरा नाटक ‘भिखारीनामा’ भिखारी ठाकुर के रंगमंचीय जीवन पर आधरित है जिसका मंचन २१वें भारत रंग महोत्सव में होगा। भारत रंग महोत्सव एशिया महादेश का सबसे बड़ा एवं प्रसिद्ध नाट्य महोत्सव है जिसमें दुनिया के कई देशों के नाट्य निर्देशक अपनी नाटकों के साथ शामिल होते हैं।
‘भारत रंग महोत्सव’ का आयोजन देश के सर्वोच्च नाट्य विद्यालय ‘राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय’ एवं संस्कृति मंत्रालय (भारत सरकार) के सौजन्य से प्रति वर्ष करती है। इस महोत्सव में दुनिया भर से नाटक सेलेक्ट किए जाते हैं। इस बार भी भारत के अनेक राज्यों के साथ-साथ अमेरिका, इटली, रुस, हंगरी, चेक गणराज्य, नेपाल, बांग्लादेश रोमानिया से सेलेक्ट हुए नाटकों के साथ भिखारीनामा नाटक को सेलेक्ट किया गया है। इस महोत्सव में दुनिया भर से 866 नाटकों के प्रस्ताव आएँ थे जिसमें से सिर्फ़ 66 नाटकों का ही चुनाव किया गया है। भिखारीनामा नाटक की अबतक 6 प्रस्तुतियाँ हो चुकी है, जिसमें काठमांडू (नेपाल) की प्रस्तुति भी शामिल है। भारत रंग महोत्सव में भिखारीनामा की 7 वीं प्रस्तुति होगी जिसका मंचन श्रीराम सेंटर ऑडिटोरियम, मंडी हाउस (दिल्ली) में 14 फ़रवरी को शाम 5.30 में होगा। भिखारीनामा एक टिकट शो है जिसका टिकट बुकमाईशो पर उपलब्ध है।

भिखारीनामा नाटक भिखारी ठाकुर के जीवन एवं उनके रंगकर्म पर आधारित नाटक है। इस नाटक मे भिखारी ठाकुर के जन्म से लेकर उनके नाच पार्टी बनाने तथा बिदेसिया एवं अन्य नाटक रचने तक की कहानी को दिखाया गया है। भिखारी ठाकुर के जीवन एवं रंगमंच के इस यात्रा में यह दिखाने का प्रयास किया गाय है कि किस तरह से भिखारी ठाकुर ने अपने आसपास के सामाजिक यथार्थ एवं जीवन अनुभवों को अपनी कला का मुख्य विषय बनाया है। इस नाटक में भिखारी ठाकुर के जीवन की मुख्यतः चार अवस्थाओं को प्रदर्शित किया गया है।
नाटक के निर्देशक जैनेन्द्र दोस्त ने बताया कि यह बहुत हर्ष की बात है कि इसमें छपरा, आरा जैसे सुदुर गाँव के कलाकर को अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी नाट्य प्रस्तुति का मौक़ा मिला है। जैनेन्द्र दोस्त ने देश के प्रतिष्ठित जवाहरलाल नेहरु विश्वविद्यालय से भिखारी ठाकुर एवं लौंडा नाच विषय पर पीएच.डी. क्या है एवं रंगमंच का विधिवत अध्ययन हिंदी विश्वविद्यालय, वर्धा (महाराष्ट्र) से किया है। जैनेन्द्र दोस्त अब तक देशज, नाट्य समागम, लोक जात्रा, संस्कृति संगम, तिलिस्म (कराची, पाकिस्तान), ज्योतिरिश्वर रंग उत्सव (काठमांडू, नेपाल) विश्व संगीत दिवस उत्सव (ICC, कोलंबो, श्रीलंका) एवं भूटान जैसे देश-विदेश के ख्यातिलब्ध महोत्सवों में अपने कला का प्रदर्शन कर चुके हैं। जैनेन्द्र दोस्त ने भिखारी ठाकुर के रंगमंच पर ‘नाच भिखारी नाच’ नमक फ़िल्म भी बनाया है जिसे दुनिया भर के अनेक फ़िल्म फ़ेस्टिवल में अवार्ड मिला है। इस फ़िल्म का प्रदर्शन गोवा अंतरराष्ट्रीय फ़िल्म फ़ेस्टिवल सहित लंदन, जकार्ता, कोरिया, अमेरिका जैसे कई देशों में हो चुका है। जैनेन्द्र दोस्त छपरा जिले के मढ़ौरा प्रखंड के ग्राम रामचक के निवासी हैं।
इन दोनों ही नाटकों में रामचंद्र माँझी, शिवलाल बारी, लखिचंद माँझी, सरिता साज़, रंजीत भोजपुरिया, रघु पासवान, शिवकुमार माँझी सहित कुल 20 कलाकार हिस्सा लेंगे। रंजीत भोजपुरिया यात्रा प्रबंधन का भी कार्य कर रहे हैं। सारण की धरती के लिए यह गर्व की बात है यहां के कलाकार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना रहे हैं।

जैनेन्द्र दोस्त
निदेशक, भिखारी ठाकुर रंगमंडल प्रशिक्षण एवं शोध केंद्र, छपरा