डंका बजाकर छात्रों ने जताया आक्रोश

नियमित रूप से कार्यालय नहीं आने का लगाया आरोप

लंबित डिग्रियों पर हस्ताक्षर और प्रशासनिक व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग

छपरा, 7 अगस्त। जयप्रकाश विश्वविद्यालय (जेपीयू) में व्याप्त प्रशासनिक शिथिलता और छात्रों की लंबित समस्याओं को लेकर शुक्रवार को शोध विद्यार्थी संगठन (आरएसए) ने अनोखे अंदाज में विरोध प्रदर्शन किया। संगठन की ओर से विश्वविद्यालय परिसर, सभी स्नातकोत्तर विभागों और अन्य प्रमुख स्थानों पर “कुलपति खोजो अभियान” चलाया गया। इस दौरान कार्यकर्ताओं द्वारा डंका बजाकर प्रतीकात्मक रूप से “लापता कुलपति” के पोस्टर चस्पा कर विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। प्रदर्शन के माध्यम से संगठन ने विश्वविद्यालय में लंबित कार्यों के शीघ्र निष्पादन की मांग उठाई।

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आरएसए के पदाधिकारियों का आरोप है कि कुलपति प्रो. (डॉ.) परमेन्द्र कुमार बाजपेई के पदभार ग्रहण करने के बाद से विश्वविद्यालय का प्रशासनिक कार्य प्रभावित हुआ है। संगठन का दावा है कि कुलपति नियमित रूप से विश्वविद्यालय कार्यालय में उपस्थित नहीं रहते हैं, जिस कारण छात्रों, शोधार्थियों, शिक्षकों और कर्मचारियों से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण कार्य लंबित पड़े हुए हैं। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने कहा कि विश्वविद्यालय का संचालन कार्यालय से होना चाहिए, लेकिन वर्तमान स्थिति में प्रशासनिक गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं।
संगठन ने आरोप लगाया कि हजारों छात्र- छात्राओं की मूल डिग्रियां कुलपति के हस्ताक्षर के अभाव में विश्वविद्यालय में पड़ी हुई हैं। इसके कारण विद्यार्थी उच्च शिक्षा में नामांकन, रोजगार तथा विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में आवेदन करने से वंचित हो रहे हैं। दूर- दराज के जिलों से आने वाले छात्रों को बार- बार विश्वविद्यालय का चक्कर लगाना पड़ रहा है, लेकिन उन्हें निराश होकर लौटना पड़ रहा है। आरएसए ने इसे छात्रों के भविष्य के साथ गंभीर खिलवाड़ बताया है।

प्रदर्शन के दौरान संगठन के नेताओं ने यह भी आरोप लगाया कि छात्रों और शोधार्थियों की समस्याओं के समाधान के लिए कुलपति विश्वविद्यालय कार्यालय में उपलब्ध नहीं रहते हैं, जबकि महत्वपूर्ण प्रशासनिक एवं वित्तीय फाइलों का निष्पादन आवास से किया जा रहा है। संगठन का कहना है कि इससे विश्वविद्यालय की कार्यप्रणाली की पारदर्शिता और जवाबदेही पर सवाल खड़े हो रहे हैं। कार्यकर्ताओं ने विश्वविद्यालय प्रशासन से नियमित कार्यालय संचालन सुनिश्चित करने की मांग की है। आरएसए ने मांग किया है कि कुलपति प्रतिदिन विश्वविद्यालय कार्यालय में उपस्थित होकर लंबित डिग्रियों पर तत्काल हस्ताक्षर करें, छात्रों एवं शोधार्थियों के सभी लंबित कार्यों का शीघ्र निष्पादन कराएं तथा विश्वविद्यालय की प्रशासनिक व्यवस्था को सामान्य बनाएं। संगठन ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही छात्रों की समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो चरणबद्ध तरीके से उग्र आंदोलन शुरू किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी विश्वविद्यालय प्रशासन की होगी।

इस अभियान में शोध विद्यार्थी संगठन के संयोजक अंकित कुमार सिंह, सह संयोजक विशाल सिंह बॉक्सर, उज्ज्वल कुमार सिंह, गुलशन यादव, विकास सिंह सेंगर, परमजीत सिंह कुशवाहा, परमेंद्र कुमार सिंह सहित बड़ी संख्या में शोधार्थी एवं छात्र कार्यकर्ता मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में छात्रहित से जुड़े लंबित मामलों का शीघ्र समाधान करने और विश्वविद्यालय की प्रशासनिक व्यवस्था को सुचारु बनाने की मांग की। विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से इस संबंध में समाचार लिखे जाने तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।