जानलेवा हमले के मुख्य आरोपी को पांच साल की सजा

✍️परवेज अख्तर/सिवान;
सिवान : अपर जिला न्यायाधीश सप्तम पन्नालाल की अदालत ने जानलेवा हमले से जुड़े मामले के मुख्य आरोपी को पांच साल सश्रम कारावास की सजा दी है। अभियोजन की ओर से बहस करने वाले अपर लोक अभियोजक रवींद्र कुमार शर्मा से मिली जानकारी के मुताबिक अदालत ने अभियुक्त रामजी प्रसाद को भादवि की धारा 307 के अंतर्गत 5 साल एवं 10000 रुपए का आर्थिक दंड तथा भादवि की धारा 448 के अंतर्गत छह माह
की सजा दी है। अर्थदंड नहीं देने की स्थिति में अभियुक्त को छह माह अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी पड़ेगी। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक मैरवा के सकरा टोला मठिया निवासी वीरेंद्र प्रसाद अपने घर में नित्य प्रति के काम निपटा कर रात्रि में सो रहे थे तो 3 जनवरी 2008 की
रात्रि में उनके खास भाई रामजी प्रसाद ने केरोसिन कपड़े में लपेटकर खिड़की के माध्यम से आग लगाकर वीरेंद्र प्रसाद एवं उनकी पत्नी को जलाने का प्रयास किया। नींद खुलने पर बड़ी मुश्किल से दोनों ने किसी तरह अपनी जान बचाई। तत्पश्चात उक्त घटना को लेकर वीरेंद्र प्रसाद ने अपने सगे भाई रामजी प्रसाद के विरुद्ध हत्या के प्रयास को लेकर मामला दर्ज कराया था। मैरवा थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। मामले में बचाव पक्ष की
ओर से अधिवक्ता शशि भूषण ओझा ने बहस किया।