गोपालगंज :वाहन चोर गिरोह का पर्दाफाश,चार बाइक के साथ चार अपराधी भी गिरफ्तार
 * पूर्व सैनिक का बेटा निकला गैंग का मास्टर माइंड
#राज श्रीवास्तव 

भोरे ( गोपालगंज ) :
 स्थानीय थाने की पुलिस ने चोरी की चार बाइकों के साथ चार अपराधियो को गिरफ्तार कर अंतर प्रांतीय बाइक चोर गिरोह का पर्दाफाश किया है।गिरफ्तार बाइक चोर बिहार और सीमावर्ती यूपी में चोरी की घटनाओं को अंजाम देते थे।ये लोग मुख्य रूप से बिभिन्न बैंको के सामने से बाइक चोरी करते थे।इनकी गिरफ्तारी से बाइक चोरी की कई घटनाओं का खुलाशा होने की संभावना है।बताया जाता है कि थानाध्यक्ष अजित कुमार सिंह को सुचना मिली थी कि रूदलपुर गांव के अजय राय के घर पर उनक एक साथी चोरी की बाइक लेकर आया हुआ है।इस सुचना पर एसआइ मनीष कुमार, राजीव कुमार एवं पुलिस बल के साथ पहुंचे थानाध्यक्ष को देखते ही दोनों अपराधी भागने लगे। पुलिस ने खदेड़ कर उन दोनों को पकड़ लिया।पकड़े गये दोनों अपराधियो की पहचान रूदलपुर गांव के अजय राय एवं थाने के पांडेय टोला गांव के झुूना पांडेय के रूप में की गयी। पलिस ने उनके पास से चोरी की एक होंडा साईन बाइक बरामद की।पूछताछ के दौरान दोनों ने बताया कि भोरे थाने के मथौली गांव के उमाशंकर बैठा के भूसा घर में चोरी की बाइक छिपा कर रखी हुई है।इसके बाद पुलिस ने वहां भी छोपमारी ।वहां से एक  सुपर स्पेलेंडर बाइक एवं एक होंडा एक्टिवा स्कूटी मिली।साथ ही पुलिस ने कुछ गाड़ियों के नंबर प्लेट, डिक्की और हॉर्न भी बरामद किए।इसके बाद उमाशंकर बैठा को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।बाद में उमाशंकर बैठा ने पुलिस को बताया कि उसने चोरी की एक बाइक अपने ही गांव के दीनानाथ साह के हाथों बेची है।इस जानकारी पर पुलिस ने  दीनानाथ साह को भी चोरी की एक सुपर स्पेलेंडर बाइक  के साथ गिरफ्तार कर लिया। थाने पर पहुचे मीरगंज इंस्पेक्टर बीपी आलोक ने भी बाइक चोरो से पूछताछ की।सबसे बड़ी बात यह की एक ही नम्बर की दो बाइकों का इस्तेमाल ये अपराधी करते थे।बाद में चोरी की बाइक रखने,उसकी खरीद-बिक्री करने,एक ही नंबर के दो वाहन का इस्तेमाल करने,खुरचा हुआ एवं खोला हुआ नंबर प्लेट बदलकर संगेय अपराध का आरोप लगा प्राथमिकी दर्ज करते हुए जेल भेज दिया। देश की रक्षा के लिए सीमाओं पर तैनात रहनेवाले पूर्व सैनिक का बेटा ही बाइक चोर गैंग का सरगना निकला।उसके पास से पुलिस ने चोरी की बाइकें भी बरामद किया है।यूपी के जेल में जाने के बाद उसका संगठित गिरोह तैयार हुआ।जो दोनों प्रान्तों से चोरी की बाइकों को ठिकाने लगाने लगा।भोरे पुलिस द्वारा चोरी की बाइकों के साथ हुई उसकी गिरफ्तारी से इसका पर्दाफान्स हो सका है।पुलिस को दिए गए बयान में उसने कुछ सफेदपोश लोगो के नाम का भी खुलासा किया है।मालूम हो की उमाशंकर के पिता स्व रामदेव बैठा सेना के जवान हुआ करते थे।उमाशंकर उनका एकलौता संतान है।बचपनसे ही गलत सोहबत के कारण आठवी तक ही उसकी पढाई हो सकी।पहली बार यूपी के पटहेरवा थाने की पुलिस ने उसे बाइक चोरी के एक मामले में छह बर्ष पूर्व गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद जेल में रहने के दौरान ही फुलवरिया थाने के बलभद्र परसा गांव के एक अपराधी सत्येंद्र गोंड सेउसकी मुलाकात हुई ।इसके बाद जेल से छूटकर आने पर उसने चोरी की बाइकों को ठिकाने लगाने का काम शुरू कर दिया। पिता की मौत के बाद भी उसकी हालत में कोई सुधार नहीं हुआ और आज वह अंतरप्रांतीय वाहन चोर गिरोह का सदस्य हो गया है।