*गोपालगंज के भोरे में पीड़ित की गुहार पर नही थानेदार की मर्जी पर होता है एफ आई आर*
*✍श्रीनारद संवाद सेवा-सीवान*
♨गोपालगंज(भोरे)
-:जिले में एक ऐसा भी थाना है जहां पीड़ित की पीड़ा पर नहीं बल्कि थानेदार की मर्जी पर एफआईआर होता है यह कोई आश्चर्य की बात नही और हो भी क्यों नहीं जब वह हायर लेबल अप्रोच पर थाने पाते है तो भला जनता की समस्या और सेवा की जरुरत की क्या है ? अब तो आप जानने को उत्सुक होगे की आखिर यह कौन सा थाना है ?तो जान लीजिए यह गोपालगंज का भोरे थाना है जहां के तेज तर्रार थानेदार गौतम कुमार जनता की नजर में नहीं महकमें की नजर में है और उनकी करतूत भी जान लीजिए भोरे थाना के पाखोपाली गांव के दिनेश खरवार की पुत्री लगभग डेढ़ माह पूर्व उसे किसी ने अगवा कर लिया लड़की की माँ बाप महीनों थाने में एफआईआर के लिए दौड़ते रहें लेकिन उनकी एक भी नही सुनी गई और वे थक हार भगवान भरोसे बैठ गये माँ थाने में बिटिया के लिए गिड़गिड़ाती रही लेकिन डेढ़ माह में उसके सब्र का बांध टूट गया और वह न्याय आस छोड़ कर बैठ गई.वही बीते 29 मई की रात को सिसई चौधरी छापर गांव की हुसन खातून की पुत्री को शौच के समय जाते हुये गांव का ही एक लड़का उठा ले गया उसके माँ के द्वारा दिए गए आवेदन के अनुसार पूरी रात उसके साथ दुष्कर्म के बाद उसे धमकी देकर छोड़ दिया गया भोर में वह रोते बिलखते घर पहुँची माँ न्याय की उम्मीद लेकर थाने गई लेकिन थानेदार साहब तो इस मामले में जांच तक कराने की जहमत नहीं उठाई.17 दिन बीत गये बीच में उक्त पीड़ित महिला एसडीपीओ हथुआ के पास भी आवेदन लेकर गई लेकिन वहां भी जाना सिफर ही रहा और अब वह भी न्याय की आश तोड़ चुकी ऐसे सैकड़ो पीड़ित इस थाने से न्याय की आश भटक कर अब नाउम्मीद हो गये है.बहरहाल क्राइम से लेकर जनता के न्याय तक इनकी काबिलियत का जीता जागता उदाहरण दिख रहा है जहां जनता नाउम्मीद है.
👉साभार: खबर हैं तो चलेगा
( वाट्सअप न्यूज ग्रुप)




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