सारण :लोक महाविद्यालय हाफिजपुर में जयप्रकाश विश्वविद्यालय के कुलपति का पुतला दहन

छपरा :दिनांक 14 मार्च 2018
आर एस ए के द्वारा चलाए जा रहे हैं परीक्षा फॉर्म भरने के लिए आंदोलन के सातवें दिन लोक महाविद्यालय हाफिजपुर में जयप्रकाश विश्वविद्यालय के कुलपति का पुतला दहन किया गया। पुतला दहन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए संगठन के संयोजक विवेक कुमार विजय ने कहा कि संगठन के आंदोलन के वजह से स्नातकोत्तर प्रथम सेमेस्टर तृतीय सेमेस्टर पर स्पेशल क्लास की व्यवस्था की गई ।परीक्षा मंडल के बैठक में BCA का रिजल्ट का प्रकाशन की घोषणा की गई ।B.Ed परीक्षा फॉर्म का डेट निकाला गया । संगठन जब तक आंदोलन जारी रखेगा तब तक की स्नातक तृतीय खण्ड ,द्वितीय खण्ड,प्रथम खण्ड का परीक्षा फार्म भरने का डेट नहीं आ जाता। विश्वविद्यालय महासचिव विशाल सिंह ने कहा कि संगठन हमेशा से कहती थी कि विश्वविद्यालय प्रशासन के परीक्षा लेने का कोई मंशा नहीं है अगर मंशा स्पष्ट होती तो पंजीयन के लिए टेंडर बहुत पहले हो जाता 2 दिन पहले छात्रों के पंजीयन हेतु टेंडर निकला है जो 23 मार्च 2018 को को टेंडर डाला जाएग। टेंडर होगा टेंडर खुलेगा उसके बाद पंजीयन होगा पंजीयन प्रपत्र उसके बाद छात्रों को मिलेगा उसके बाद परीक्षा फार्म भरने का डेट आएगा। विश्वविद्यालय प्रशासन पहले से ही ठान लिया है कि यहां के सारण प्रमंडल के छात्रों का भविष्य बर्बाद कर देना संगठन पहले से ही चीख-चीखकर बोल रहा था कि पंजीयन का टेंडर नहीं हुआ है जब तक टेंडर नहीं होगा तब तक स्नातक की परीक्षाएं नहीं हो सकती विश्वविद्यालय प्रशासन ने भ्रमित किया और यहां के कुछ तथाकथित लोग जिसमें राजनेता भी शामिल है यहां के छात्रों को दिग्भ्रमित करने के लिए भरपूर प्रयास किए ।बिना तथ्य को जाने हुए प्रेस वार्ता करके कुलपति ने कहा था कि मार्च में साड़ी परीक्षा ले ली जाएंगी मार्च में तो टेंडर हो रहा है तो कब होगा परीक्षा बतलाये विश्वविद्यालय प्रशासन। स्नातक मैं सीट बढ़ोतरी का बहाना है की सीट से अधिक नामांकित छात्र हो गए हैं तो राज्य सरकार से अनुमति लेना पड़ेगा वहीं स्नातकोत्तर में क्या है? विश्वविद्यालय प्रशासन का स्पष्ट नीति है कि सारण प्रमंडल के छात्रों को योजनाबद्ध तरीके से भविष्य बर्बाद किया जाएऔर विश्वविद्यालय में नए-नए तरीका से घोटाला किया जाए और घोटाले की राशि लेकर उस का बंदरबांट किया जाए ।कुछ लोग तो महा घोटाले के हिस्सेदारी के लिए कल से विश्वविद्यालय प्रशासन के पक्ष में बयान देने लगे क्योंकि उनको 30 करोड़ के घोटाले में हिस्सेदारी चाहिए। पत्रकार ,लेखक ,कवि छात्र नेता ,युवा अगर यह सारे लोग सत्ता की भाषा बोलने लगेंगे तो निश्चित ही लोकतंत्र खतरा में हो जाएगा । यहां के कुछ छात्र नेता विश्वविद्यालय प्रशासन के सत्ता की भाषा बोल रहा है जिसकी खमियाजा इन लोगों को भुगतना पड़ेगा हो सकता है कि उस 30 करोड़ में से कुछ राशि आपको दी जाए लेकिन आपकी चरित्र स्वाभिमान ईमानदारी खरीद लेगा विश्वविद्यालय प्रशासन । इन सब चीजों से वैसे छात्र नेताओं को बचना चाहिए ।जांच एजेंसियों जांच कर रही हैं घोटाले की दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा अगर गलत है तो विश्वविद्यालय प्रशासन निसंकोच मानहानि का मुकदमा संगठन पर कर सकता है ।इसके लिए कोई रोक नहीं रहा है । इसके पहले भी पूर्व कुलपति द्विजेन्द्र गुप्ता के समय कर्मचारी संगठन छात्र संगठन ने हम लोगों का विरोध किया था उसके बाद क्या हुआ सब लोग जानता है कुलपति को बर्खास्त होना पड़ा सारे पदाधिकारियों को निलंबित होना पड़ा घोटाला साबित हुआ इस बार भी वैसा ही हो रहा है । स्नातक तृतीय खंड द्वितीय खंड प्रथम खंड के लिए लगातार आंदोलन जारी रहेगा ।पुतला दहन कार्यक्रम में प्रमुख रुप सेअमरेंद्र कुमार, हेम नंदन ,विकाश कुमार ,विशाल कुमार सिंह ,वेद प्रकाश सिंह, चंदन कुमार श्रीवास्तव, हिसामुदिन ,बाल्मीकि ,संजीव, दुमनआदि उपस
्थित थे।इस आशय की जानकारी विवेक कुमार विजय
संयोजक, आर एस ए ने दी ।