सारण जिले के गरखा थाना क्षेत्र के जलाल बसंत पंचायत के वार्ड 12 की मामला है जहां पर शराब कारोबारी द्वारा छपरा से शराब लेकर टेंपो से जलाल बसंत पंचायत के वार्ड 12 में पहुंचकर गरखा प्रखंड के विभिन्न गांव में देसी शराब की होम डिलीवरी की जाती है.ग्रामीणों ने बताया कि रात्रि में टेंपो से शराब कारोबारी शराब लेकर आते हैं और रात्रि में होम डिलीवरी कर दी जाती है.क्योंकि स्थानीय पुलिस प्रशासन की इसकी सूचना ना मिले. 3 दिन पूर्व किसी व्यक्ति द्वारा शराब कारोबारी का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया गया.जिसके बाद स्थानीय प्रशासन में हड़कंप मच गई.वीडियो में एक शख्स दिख रहा है कि शराब को पन्नी से निकालता है और शराब की दो तीन डब्बे भी रखा हुआ है वहां पर एक बाइक भी लगी है. जिससे यह स्पष्ट होता है कि बाइक का उपयोग शराब की होम डिलीवरी में की जाती है.इस संबंध में पूछे जाने पर स्थानीय प्रशासन कुछ भी बताने से परहेज कर रहे. हालांकि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा 1 अप्रैल 2016 में शराबबंदी की गई थी लेकिन 5 साल बीत जाने के बाद भी शराब का कारोबार खूब फलता फूलता देख रहा है वहीं ग्रामीणों का कहना है कि नीतीश सरकार के शराबबंदी को शख्ती से पालन कराने में सारण पुलिस फेल है.हालांकि कई ग्रामीणों ने बताया कि स्थानीय पुलिस की मिलीभगत के कारण शराब कारोबारी आसानी से शराब की होम डिलीवरी कर रहे हैं।