आधुनिक तकनीक से जल प्रबंधन के लिए सरकार करा रही है सर्वे- रूडी

तीन हजार करोड़ की राशि खर्च करने का है प्रस्ताव

फसल सिंचाई के लिए सालोभर नहरों में रहेगा पानी

अमनौर(सारण)।

सारण जिले के लोगों को दूरगामी परिणाम देने वाली योजना के प्रस्ताव पर 3000 करोड़ रुपये की राशि का डीपीआर तैयार किया जा रहा है.जिसमें जल प्रबंधन के माध्यम से सालो भर सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी की उपलब्धता के साथ ही बाढ़ से निजात के सारे प्रबंध होंगे. इसके लिये भारत सरकार के जल संसाधन मंत्रालय के अधीन कार्य करने वाले वाटर एंड पॉवर कंसल्टेंसी सर्विसेज को डीपीआर तैयार करने के लिए दिया गया है.उक्त बातें स्थानीय सांसद व भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रूडी ने मंगलवार को अमनौर स्थित आवास पर प्रेस वार्ता में कही.योजना के संबंध में विस्तृत चर्चा करते हुए श्री रूडी ने कहा कि सारण जिले में बाढ़ और सुखाड़ की विभीषिका से लोग त्रस्त है.इसी को लेकर अभी जल प्रबंधन की दिशा में सर्वे कर बिहार सरकार के पास प्रस्ताव भेजा जा रहा है,जिसकों राज्य सरकार भारत सरकार के पास भेजेंगी.उक्त प्रस्ताव में नेपाल के बाल्मीकिनगर बराज से छोड़े जाने वाले पानी का सुव्यवस्थित तरीके से सारण जिले के कैनालो, नहरों,नदियों के रास्ते गंगा नदी में जानें का प्रबंध किया जाएगा.जलधारा के रास्ते को पुनर्जीवित किया जाएगा,जिससें क्षेत्र के नहरों,पईन आदि में सिंचाई के लिये सालोभर पानी उपलब्ध रहेगी और किसान खेतों में सिंचाई भी करेंगे. वहीं जलजमाव वाले चंवर, पोखर, पईन आदि को भी चिन्हित कर योजना से जोड़ा जाएगा.आधुनिक तरीके से जल प्रबंधन के लिए तीन हजार करोड़ रुपये की राशि का डीपीआर अगले तीन महीने में तैयार हो जाएगी. इससे सारण क्षेत्र के 50 लाख आबादी को फायदा पहुंचेगा.इस मौके पर मुख्य रूप से अमनौर विधायक मंटू सिंह, ई. सतेंद्र सिंह ,भाजपा के पूर्व कार्यसमिति सदस्य राकेश कुमार सिंह, राज्य कार्य समिति सदस्य अनिल सिंह, निरंजन शर्मा समेत दर्जनों कार्यकर्ता थे.