Θ बेतिया – बैरिया:– सीओ पर भड़के बेतिया सांसद डॉ० संजय जायसवाल
✍न्यूज इनपुट नीरज ठाकुर बेतिया (पं.च) बिहार 👉
जमीन के मामले को तूल दे कर घर में घुस कर पुलिस द्वारा लाठी चार्ज करने में गर्भवती महिला सहित सैकड़ो लोग के आवाज एवं उन्हें न्याय दिलाने के लिए महिला मानवाधिकार आयोग तक जाऊंगा। उक्त बाते बेतिया सांसद डॉ० संजय जायसवाल ने प० चंपारण बैरिया में घटित घटना क्षेत्र के भ्रमण के बाद प्रेस बार्ता में बेतिया अपने आवास पर कहा। उन्होंने आगे कहा कि रविवार के दिन नोतन प्रखण्ड के बैरिया नहर टोला स्थित 10 एकड़ जमीन का सेटलमेंट 2013 में ही किया जा चूका था। इस जगह पर 40 वर्षो से ग्रामीणों द्वारा छठ घाट पर पूजा करते आ रहे है। लेकिन कुछ व्यक्तियो द्वारा गुमराह करते हुए सीओ एवं बैरिया थानाध्यक्ष को 2 लाख रुपया देकर जमीन पर बसे गरीब जनता को पुलिस प्रशासन द्वारा बर्बरता से घर में घुस कर लाठी से पिटा गया है।
जब इस संबंध में सांसद डॉ० संजय जायसवाल ने सीओ से पूछा तो सीओ द्वारा लाठी चार्ज की बात डीएम एवं पुलिस अधिक्षक की जानकारी के अनुसार बताया लेकिन जब इस बात की जानकारी सांसद डॉ० संजय जायसवाल एवं विधायक नारायण प्रसाद साह ने डीएम एवं एसपी से पूछा तो उनके द्वारा बताया गया की उन्हें इस बात की कोई जानकारी नही थी। हालांकि सीओ द्वारा डीएम एवं एसपी को गलत जानकारी यह दिया गया था की इस स्थान पर पहली बार छठ पूजा की व्यवस्था किया जा रहा है जबकि इस स्थान पर 40 वर्षो से छठ पूजा होते आ रहे है। डॉ० संजय जायसवाल ने आगे कहा कि इस घटना में 50 से अधिक महिला, 12 वर्ष के बच्चे-बच्चियां सहित पुरुष भी घायल है। जिनका इलाज जारी है। जिनका इंज्युरि रिपोर्ट भी अस्पताल से लिया गया है। जब पीड़ितो द्वारा बैरिया थाना में प्राथमिकी दर्ज करने गए तो थानाध्यक्ष द्वारा पीडितो को भगा दिया गया। यह लगता है की आज के समय में भी बैरिया की पुलिस अंग्रेजो जैसे व्यवहार ग्रामीणों के साथ कर रही है।
अस्पताल में चल रहे पीडितो का वीडियो भी बनाया गया है व अस्पताल के सीसीटीवी में भी रिकार्ड है। वही सांसद डॉ० संजय जायसवाल एवं विधायक नारायाण प्रसाद साह सयुक्त रूप से बताया कि पीड़ित ग्रामीणों द्वारा यह भी बताया गया है कि घर में घुस कर लाठी से मारते हुए पुलिस द्वारा महिलाओ के गहना भी लूटा गया है और इस घटना का कारण दो समुदाय के ऊपर लगाया जा रहा है। जो सत्य बात छठ घाट के जमीन को लेकर हुई है। जिसमे बैरिया के सीओ एवं थानाध्यक्ष पूर्ण रूप से दोषी है। जिन्होंने मिली भगत से इस घटना को अंजाम दिया है। विगत वर्ष सनप्रादायिक तौर पर मन्दिर भी तोड़ने की घटना घट चुकी है। अगर प्रशासन द्वारा इस घटना पर ठोस कदम नही उठाया गया एवं पीडितो को न्याय नही मिला तो यह मामला राष्ट्रीय मानवाधिकार तक ले जायेंगे।
वही मुख्यालय डीएसपी ने कहा कि छठ के अवसर पर विवाद हुआ है। जिसको लेकर घटना स्थल पर पुलिस द्वारा कैम्प कर रही थी उस समय पथराव किया गया था। पुलिस द्वारा कैम्प किया जा रहा है। जिससे छठ पर्व को शांतिपूर्ण तरीको से मनाने की अपील भी किया जा रहा है। हालांकि गहना लूटने जैसी बात की जाँच किया जायेगा। जो दोषी होंगे उनपर तत्वरित कार्रवार्इ किया जायेगा।







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