
मांझी। स्कूल के आदेशपाल की नौकरी छोड़कर 51 साल तक लगातार मुखिया का पद सुशोभित करने वाले माँझी चैनपुर निवासी स्व हरदेव यादव ने अपने एक बेटे को दो दो बार विधायक और दूसरे बेटे को दो बार मुखिया बनाकर इतिहास रच दिया। अट्ठारह टोलों में फैले पुराने मांझी पंचायत का रिक्शा से भ्रमण करने वाले सहज व सरल स्वभाव के मुखिया का रिक्शा उनके निधन के 14 वर्षों बाद आज भी उनके दरवाजे पर सुरक्षित रखा हुआ है। मुखिया जी के रिक्शा चालक सुकटी से पूछने पर वे पुराने यादों में खो जाते है। मुखिया पुत्र पूर्व विधायक बुद्धन प्रसाद यादव तथा पूर्व मुखिया सत्यनारायण प्रसाद यादव बताते हैं कि उनके पिताजी अक्सर पूर्व पीएम इन्दिरा गांधी से बेरोकटोक मिलने जाते थे। प्रसिद्धि प्राप्त मुखिया होने के बावजूद वे आम जनता का इतना सरल ढंग से समस्या का निदान करते थे जिसकी वर्तमान राजनीति में कल्पना तक नही की जा सकती। सारण की राजनीति में स्व हरदेव यादव को आज भी लोग याद करते हैं।




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