दैनिक खोज खबर/भेल्दी (सारण)। अमनौर प्रखंड के रामचक गाँव के निवासी 75 वर्षीय वृद्ध रमेश प्रसाद सिंह ने न्याय की उम्मीद में सारण समाहर्ता (DM) का दरवाजा खटखटाया है। मामला उनकी पत्नी मालती देवी की मृत्यु के बाद मिलने वाले बीमा दावे से जुड़ा है, जो पिछले 16 वर्षों से जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग में धूल फांक रहा है।
क्या है पूरा मामला ?
पीड़ित रमेश प्रसाद सिंह के अनुसार, उनकी पत्नी ने डाक विभाग की ‘ग्राम संतोष मियादी बीमा योजना’ ली थी। पत्नी के निधन के बाद उन्होंने नियमानुसार एक लाख रुपये के बीमा दावे का आवेदन किया था। आरोप है कि वर्ष 2010 से यह मामला जिला उपभोक्ता अदालत में लंबित है। पीड़ित का कहना है कि उन्होंने अपना पक्ष रखने के लिए सभी आवश्यक दस्तावेज और लिखित बहस भी न्यायालय में जमा कर दी है, बावजूद इसके अब तक कोई अंतिम फैसला नहीं सुनाया गया है।
प्रशासनिक हस्तक्षेप की मांग
उम्र के इस पड़ाव पर खड़े रमेश प्रसाद सिंह ने समाहर्ता को आवेदन देकर मामले की गंभीरता पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने मांग की है कि इस लंबे विलंब की जांच एडीएम (अपर समाहर्ता) स्तर से कराई जाए ताकि उन्हें जल्द से जल्द न्याय मिल सके।
न्याय व्यवस्था पर सवाल
एक आम नागरिक का 16 वर्षों तक उपभोक्ता अदालत में न्याय के लिए भटकना न्यायिक प्रक्रिया की सुस्त गति पर बड़ा सवाल खड़ा करता है। फिलहाल, पीड़ित अब जिला प्रशासन की ओर टकटकी लगाए बैठा है कि क्या उन्हें बुढ़ापे में उनका हक मिल पाएगा या संघर्ष जारी रहेगा।




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