सुशासनी राज्य बिहार में पदाधिकारियो के शोषण के शिकार है भादा पंचायत के किसान 

⏭माननीय केन्द्रीय कृषि मंत्री जी के सांसद क्षेत्र की है यह घटनाक्रम

✍विकाश कुमार राय ब्यूरो प्रमुख “दैनिक खोज खबर” (पू.च) बिहार:-पूर्वी चम्पारण जिला अन्तर्गत हरसिद्धी प्रखण्ड क्षेत्र के भादा पंचायत के किसान  लालबाबु तिवारी गेहूँ फसल क्षति वर्ष 2015 की अनुदान राशी के लिए आवेदन  दिए अनुदान राशी स्वीकृत भी हुआ। लेकिन अभी तक नहीं मिल सका अनुदान राशी।

उक्त अनुदान राशी के लिए ब्लाॅक से बैंक तक चक्कर लगा कर निराश हो चुके किसान  जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी के पास परिवाद दायर किए जहाँ न्याय नहीं मिलने पर मायूस किसान श्री तिवारी ने प्रथम अपिलिय प्राधिकार मे आवेदन दिए।
प्रथम अपिलिय प्राधिकार मे न्याय के लिए उपस्थिती दर्ज कराने मे थक चुके किसान श्री तिवारी को अभी तक न्याय नही मिल सका।
मायूस किसान ने  बताया कि अनुदान राशी 3240 रूपए  मिलेगी लेकिन यह राशी न्याय के लिए उपस्थिती दर्ज कराने मे ही खर्च हो जाएगी ।

आश्चर्य कि बात है कि हरसिद्धी प्रखण्ड नाजीर द्वारा बैंक विवरण कि छायाप्रती पिडीत किसान को दी गई है जिसमें बताया जा रहा है कि 20-01-2017 को अनुदान राशी किसान के खाते मे जा चुकी है लेकिन अभी तक राशी किसान के खाते मे नहीं मिली है ।

यह उस सांसदिय क्षेत्र के किसान की दुख भरी दास्तान है जहाँ के सांसद  सह केन्द्रीय कृषि मंत्री माननीय राधामोहन सिंह देश के कोने-कोने तक किसानों के विकास की परचम लहरा रहे है लेकिन भादा पंचायत के इस किसान की व्यथा ब्या कर रही है माननीय केन्द्रीय कृषि मंत्री जी के खोखले वादो का।

साथ ही उक्त किसान की दुख भरी दास्तान ब्या कर रही है कि किस तरह से सुशासनि सरकार मे संबंधित  विभागो के पदाधिकारीगण  कमजोर किसानो का शोषण कर रहे है।

अब देखना है कि उक्त पिडीत किसान को कब तक  न्याय मिलता है मिलने वाली अनुदान राशी न्याय के लिए पेट्रोल मे ही खर्च होता है या कुछ राशी कृषि कार्य के लिए भी बचती है।