साठी:- पिता का सपना जीवन का लक्ष्य ! मो० फुजैल
दैनिक खोज खबर साठी प.चंपारण संवाददाता (शमीम क़मर रेयाज़ी) की कलम से 👉
साक्षरता अभियान के प्रोत्साहन हेतु आज साठी स्टेशन से समीप नट मोहल्ला में नि शुल्क कोचिंग का उदघाटन हुवा जहाँ पे नट बिरादरी के बच्चों को निशुल्क शिक्षा मुहैया कराया जायेगा , इस अवसर पे शिक्षा सामग्री पुस्तक,कॉपी,पेन्सिल अदि का वितरण भी हुवा ,जिस में क्षेत्र के कई अहम व्यक्तियों की उपस्तिथी हुयी । शिक्षा सामग्री वितरण के बाद एक एक गोष्टी का आयोजन हुवा जिस में वक्ताओं नेअपने संबोधन में नट बिरादरी के बच्चों में शिक्षा का अलप जगाने पे ज़ोर दिया और हर संभव मदद का आश्वासन दिया । और सभी वक्ताओं नेJNU के छात्र महम्मद फ़ुज़ैल द्वारा किये गए इस कार्य को इतिहासिक बताया और सभी ने प्रशंसा की ।
नट प्रजाति के लोगों के बारे में सब जानते हैं यह बिरादरी मांग के खाना ,शहद मधु निकाल के बेचना ,सियार बिलार मारना ,बन्दर भालू का तमाशा देखा कर परिवार का पालन पोषण करते हैं इन के पूर्वव्जों का पेशा यही रहा है ,यह कहना उचित होगा की आदिवासी वाली रहन सहन शिक्षा से वंचित उनके बच्चे जिनके हाथों में कलम किताब होना था वो भी अपने अभिभावक के नक्श कदम पे चल रहे हैं , JNU के छात्र मो. फ़ुज़ैल ने जब इस मोहल्ले का सर्वे किया तो पाया की आज के इस बदलते समय में समाज में हो रहे परिवर्तन से यह बिरादरी भी प्रभावित है उनकी भी सपने हैं की उनके बच्चे पढ़े लिखे आगे बढ़ें मगर आर्थिक तंगी के कारण उनका सपना सच होता नहीं दिख रहा है ऐसे में मोहम्मद फ़ुज़ैल ने कहा की अब वो समय आगया है इस बिरादरी के बच्चों में शिक्षा का दिप जलाकर अपने पिता के सपने को पूरा कर सकूँ । उक्त बातें मोहम्मद फ़ुज़ैल ने अपने संबोधन में कही , 
मौलाना अबूलेस ने इस मुहीम के आयोजन की पूरी दास्तान बताई की कैसे इन नट समाज के बच्चों को शिक्षा से जोड़ने हेतु प्रयास किया गया तब जा के इनकी जागरूकता प्रशंसा के पात्र है । श्री अब्दुल रहमान ने कहा की इस तरह के मुहीम से समाज बदलेगा और समाज के साथ देश भी बदलेगा , श्री रौनक आलम ने इस मुहीम को देख ख़ुशी का इज़हार किया और अपने संबोधन में मदद का विश्वास दिलाया । इस कार्यक्रम के संचालक कर रहे लेखक शमीम क़मर रेयाज़ी ने देश की प्रथम शिक्षिका सावित्री बाई फुले का कथन दोहराया , जाओ पढ़ो लिखो ,ज्ञान इकट्ठा करो ज्ञान के बिना मनुष्य का जीवन जानवर की तरह होजाता है जिसे किसी चीज़ की तमीज़ नहीं होती , जब आदमी शिक्षित होगा तो उसे शिक्षा का इंसानी जीवन में महत्व का पता चलता है । किसी भी लोकतान्त्रिक देश एवं समाज का विकास शिक्षा पे निर्भर होता है इस के लिए हर संभव प्रयास होने पे ज़ोर दिया , इन के अलावा अज़हर सेराज ,शोएब कमाल , मो कलाम, शमीम अख्तर भी इस कार्यक्रम में उपस्तिथ रहे । अंत में डाक्टर शोएब अफज़ल ने अतिथियों को धन्येवाद देते हुए सभा के समापन की घोषणा की ।