सरकार दमन के रास्ते पर, हक के लिए करेंगे आत्मदाह- नीलेश

संवाददाता-छपरा. सरकार का रवैया तानाशाही है, वह दमनकारी नीति अपना कर हमारे वाजिब हक को छीन लेना चाहती है. ताजा सरकारी फरमान हमारी सांसो पर पहरे बिठाने जैसा है. उक्त बातें बिहार राज्य कार्यपालक सहायक सेवा संघ की सारण जिला इकाई के अध्यक्ष नीलेश कुमार ने शनिवार को स्थानीय नगरपालिका चौक पर धरना को संबोधित करते हुए कहीं. उन्होंने आगे कहा कि हम अपनी पांच सूत्री मांगों को मनवाये बगैर आंदोलन वापस नही लेने वाले. अगर सरकार अपने व्यवहार में बदलाव नही लाती है, और हमारी मांगों को नही मानती है, तो एक अप्रैल से न केवल आमरण अनशन किया जायेग बल्कि पांच अप्रैल को समाहरणालय के समक्ष आत्मदाह कर इस ग्लानि और जिल्लत भरी नौकरी तथा जीवन दोनों से मुक्ति ले ली जायेगी. ज्ञात हो कि कार्यपालक सहायक पिछले 5 दिनों से धरना पर बैठे है. इसके कारण सरकार की महत्वकांक्षी योजना आरटीपीएस जैसे जरूरी कार्य संपादित नही हो पा रहे हैं. जिले के सभी प्रखंडों इंदिरा आवास योजना, पेंशन, कृषि, लोक शिकायत, मनरेगा, बाल विकास परियोजना, बिजली विभाग आदि कार्यालयों में कंप्यूटर से संबंधित कार्य भी ठप पड़ा हुआ है. इसी से बेचैन विभाग ने उन्हें वापस काम पर लौटने अन्यथा उनकी संविदा खत्म करने का फरमान सुनाया है. यही नहीं सारण के जिलाधिकारी भी पत्र प्रेषित कर कार्यपालक सहायकों को 48 घंटों के भीतर काम पर लौटने का आदेश जारी कर चुके हैं. मगर धरने पर बैठे कार्यपालक सहायकों पर इस आदेश का कोई असर नही हुआ है और उन्होंने रविवार से अपने आंदोलन को और धारदार बनाने का संकल्प लिया है.

शनिवार को भी सेवामुक्त करने के सरकारी आदेश से उनमे जरा भी घबराहट नही दिखी है और वे विचलित हुए बिना अपनी आवाज बुलंद करते नजर आये. धरना को संबोधित करने वालों में मुख्य रूप से मुख्य रूप से महासचिव पप्पू पासवान, सचिव प्रकाश कुमार, मीडियाा प्रभारी हिमांशु राज उर्फ गेशू, अमित कुमार आदि शामिल थे. मौके पर रवि कुमार, अविनाश मिश्रा, रितेश कुमार, अजय राज, संदीप रंजन, श्रीराम कुमार, प्रीति गुप्ता, आनंदिता सिंह, फरहाना जफर, कमल कुमारी, सुधा कुमारी, प्रियंका कुमारी, अमरजीत कुमार, मुन्ना कुमार, अश्विनी कुमार, बलराम कुमार, विकास कुमार के अलावे सैकड़ों की संख्या में कार्यपालक सहायक मौजूद थे.