*मधेपुरा:चौसा में अंगिका कवि सम्मेलन आयोजित*
*कुंजबिहारी शास्त्री”दैनिक खोज खबर”चौसा,मधेपुरा*
“तुम कौन हो…इस भूपटल पर क्यों हलचल मचा जाते हो…??” उक्त उदगार अंगिका भाषा सर्वे समिति बिहार के मुख्य संयोजक *डा० रमेश मोहन शर्मा आत्मविश्वास* के द्वारा व्यक्त किया गया।
मधेपुरा जिला अंतर्गत चौसा के फुलकिया बसैठा में अखिल भारतीय अंगिका साहित्य विकास समिति तथा बिहार प्रगतिशील लेखक मंच व अखिल भारतीय अंगिका साहित्य कला मंच के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित *अंगिका कवि सम्मेलन सह सम्मान समारोह* का विधिवत दीप प्रज्जवलित कर उद्घाटन करते हुए डा० आत्मविश्वास ने कहा कि,”अखिल भारतीय अंगिका साहित्य विकास समिति,एक रजिस्टर संस्था है। जो अंगिका भाषा विकास के लिए सतत जनजागरण का कार्य कर रही है।
लेखक व पत्रकार सह कार्यक्रम आयोजक सुबोध सौरभ की माता रूकमणी देवी की 7वीं पुण्यतिथि पर आयोजित इस कवि सम्मेलन में पूरे अंग प्रदेश के दर्जनों प्रतिष्ठित कवियों ने शिरकत कर अपनी उत्कृष्ट कविताओं का पाठ किया।कार्यक्रम का आगाज सुश्री रूची कुमारी के द्वारा प्रस्तुत गजल के द्वारा किया गया।मंच संचालन कर रहे कवि श्रवण बिहारी ने अपनी कविताओं के माध्यम से कहा कि,”पवन बेच देंगे, हवा बेच देंगे, यदि पत्रकार, साहित्यकार और कवि सो जायें तो कमबख्त हिन्दुस्तान बेच देंगे।” प्रो० देव नारायण पासवान देव ने अपनी रचनाओं के माध्यम से कहा कि,”मैं जोशे जवानी की कविताएँ लिखता हूँ…।”
कवि प्रभाष चंद्र झा मतवाला ने कहा,”पचहत्तर की जवानी है, इस कुँए में अभी तक पानी है।” कवि सुरेश सूर्य के द्वारा व्यवस्था पर प्रहार करते हुए कहा गया कि,”दिल्ली की बिल्ली, चूहे खा-खा कर मोटी है…।”
बाबा विशुराउत महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो० उत्तम कुमार के द्वारा,”मन मंदिर तोही मूरत, तो ही मंदिर, तो ही धरती..”कविता का पाठ किया गया। कवि प्रो० शिवकुमार यादव ने,”दर्द गरीबी के देखीके, भैया बहना आरू काका रोबै छैय…।”कविता प्रस्तुत किया गया। कवि हरिलाल मंडल ने,”माता पिता छैय शक्ति…इनको बगैर नय होथौं जीवन सार्थक…।”कविता का पाठ किया। लेखक व अधिवक्ता विनोद आजाद के द्वारा “हम्हीं भाय कहलाबै छिंहौन पत्रकार..” कविता प्रस्तुत किया गया।लेखक व पत्रकार सुबोध सौरभ ने अपनी रचनाओं के माध्यम से कहा कि,”अंग क्षेत्रो के माटी में बसलो हमरो प्राण छैय, खान-पान साग-सतुआ, इहे हमरो पहचान छैय…।”
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद आकाशवाणी के कलाकार कवि कपिलदेव कृपाला, कवि महेन्द्र निशाकर, कवि साथी सुरेश सूर्य, कवि डा० ब्रह्मदेव ब्रह्म, कवि मुरलीधर मुरारी, कवि रामानन्द गुप्त, प्रो० हृदयनारायण मंडल, प्रो० शिवकुमार यादव, कवि उपेन्द्र शर्मा, कवि पंकज ठाकुर आदि दर्जनों कवियों द्वारा अपनी स्वरचित कविताओं का पाठ किया गया।
*आगामी कार्यक्रम प्रस्तावित 23जून 2017 को चौसा में*
अंगिका भाषा सर्वे समिति अध्यक्ष व अंगिका के प्रथम ध्वनि वैज्ञानिक डा० रमेश आत्मविश्वास ने मंच से घोषणा कर कहा कि आगामी अंगिका कवि सम्मेलन सह सम्मान समारोह का भव्य आयोजन लेखक व अधिवक्ता विनोद आजाद के पिताजी *मुंशी उमाकांत मेहता* के पाँचवी पुण्य स्मृति के मौके पर प्रस्तावित 23जून 2017को माता उर्मिला सेवा संस्थान चौसा में तय हुआ है।
कार्यक्रम के शुरुआत में स्वागताध्यक्ष सह लोक अभियोजक अरूण कुमार पासवान के निर्देशन में गुड़िया कुमारी, रूची, पूजा, तनुजा के द्वारा स्वागतगीत प्रस्तुत कर अतिथियों का स्वागत किया गया।कार्यक्रम में शामिल सभी कवियों को आयोजक के द्वारा सम्मान पत्र देकर सम्मानित किया गया।कार्यक्रम को सफल बनाने में शिक्षक अशोक कुमार, कृषि सलाहकार अनुज कुमार, शिक्षिका उषा कुमारी, शिक्षिका रेणु कुमारी, समाजसेविका रचना सौरभ आदि की भूमिका सराहनीय रही।




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