भागलपुर:सड़क दुर्घटना में भागलपुर पुलिस अधिकारी की मौत, शोक में डुबे पुलिस कर्मी

संजय कुमार सुमन”दैनिक खोज खबर”भागलपुर

भागलपुर जिले के तिलकामांझी थाना के तेज-तर्रार थानाध्यक्ष बिजय चन्द्र शर्मा का सड़क दुर्घटना में बीती रात्रि निधन हो गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार थानाध्यक्ष बिजय चन्द्र शर्मा 12:30 बजे के करीब अपनी निजी वाहन स्कार्पियो से गश्ती के लिए निकले और हवाई अड्डे के रनवे पर उनकी गाड़ी उलट गई जिससे उनकी मौत घटना स्थल पर ही हो गयी।

घटना की सुचना मिलते ही वरीय पदाधिकारी घटना स्थल पर पहुँच कर लाश को कब्जे में लिया और पोस्ट मार्टम के लिए भेज दिया।पोस्ट मार्टम के बाद उनके शब को पुलिस लाइन में रखा गया जहाँ उन्हें श्रद्धांजलि दी जा रही है।घटना की सुचना मिलते ही पुलिस महकमा शोक में डूब गया है जबकि मृतक के घर मातमी सन्नाटा पसरा है I

एसएसपी मनोज कुमार ने बताया कि उनकी मौत गाड़ी के टायर फटने से दुर्घटना हुई है। रात में करीब साढ़े 12 .30 बजे थानाध्यक्ष हवाई अड्डे की सुरक्षा का हाल जानने गए थे। उसी दौरान आगे के दोनों चक्के ब्लास्ट कर गए और गाड़ी पलट गई जिसमें वेे दब गए। थाना के दूसरे पुलिसकर्मियों ने बताया कि वे रोज रात में थाना से घर जाने के दौरान हवाई अड्डे का एक-दो चक्कर लगा लेते थे। पिछले कुछ दिनों से हवाई अड्डे के आसपास आपराधिक घटनाएं बढ़ गई थीं। सोमवार की रात में थाना से वे अपनी पत्नी को फोन पर यह कहकर निकले कि मैं आ रहा हूं। खाना गर्म करके रखना। फिर वे हवाई अड्डा की ओर चले गए। वे जीरोमाइल के पास एलआईसी कॉलोनी में रहते थे। जब वे एक बजे तक घर नहीं पहुंचे तो पत्नी ने उनके मोबाइल पर फोन किया। 

इस बीच किसी काम से एसएसपी ने भी उन्हें मैसेज किया। जब जवाब नहीं आया तो एसएसपी ने रिंग किया। फोन रीसिव नहीं हुआ तो एसएसपी ने गश्ती दल को सूचना दी। फिर खोजबीन शुरू हुई तो करीब दो बजे हवाई अड्डे के रनवे पर गाड़ी से दबी उनकी लाश मिली। फिर मौके पर आईजी सुशील मानसिंह खोपड़े,एसएसपी मनोज कुमार समेत सारे पुलिस अधिकारी वहां पहुंचे। गाड़ी से लाश निकाली गई।

 मौत पर उठ रहे हैं कई सवाल:-इस दुर्घटना को संदेहास्पद भी माना जा रहा है। आईजी सुशील मानसिंह खोपड़े ने कहा है कि सभी बिन्दुओं पर जांच होगी। पुलिस टीम ने इसकी छानबीन भी शुरू कर दी है। दिन में करीब दस बजे पुलिस अफसरों ने हवाई अड्डे पर जाकर घटना स्थल को बारीकी से देखा।

लोगों का कहना है कि इतनी रात को हवाई अड्डे की ओर क्यों गए थे थानाध्यक्ष? वह भी अकेले गाड़ी चलाकर? पुलिसकर्मियों का कहना है कि अक्सर वे बहुत ही तेज गति से गाड़ी चलाते थे। मुंगेर जिले के रहने वाले थानाध्यक्ष 2009 बैच के दारोगा थे। बहरहाल घटना को लेकर लोगों में तरह तरह की चर्चाये हो रही। घटना के सही कारणों का पता अब तक नहीं चल पाया है।