
- लोगों को चमकी से बचाव को किया जा रहा है जागरूक
- चमकी के मामलों में न करें देर
- सरकारी अस्पताल में मुफ्त इलाज की सुविधाएं है उपलब्ध
मोतिहारी, 12 अप्रैल। गर्मी बढ़ने के साथ जिले में चमकी के मामले देखने को मिल रहे हैं। वहीं जिलेभर के प्रखण्डों में लोगों को चमकी से बचाव के लिए मुसहर, महादलित टोलों, भीड़ भाड़ के क्षेत्रों, बाजारों, सामुदायिक स्थानों पर चौपाल का आयोजन किया जा रहा है। जिसमें बच्चों का विशेष ध्यान रखने के लिए लगातार स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा जागरूक किया जा रहा है। पूर्वी चंपारण के सिविल सर्जन डॉ अंजनी कुमार का कहना है कि चमकी के मामलों में सबसे बेहतर हथियार साबित हो रहा जागरूकता अभियान।
जागरूकता से है फायदा-
सीएस ने बताया कि लोगों को चमकी के प्रति जागरूक करने का पहला फायदा यह है कि लोग इस बीमारी के लक्षण को अब जान, समझ रहे हैं। साथ ही इससे बचाव हेतु बच्चों की देखरेख कर रहे हैं। वहीँ दूसरा फायदा है कि अगर चमकी के मामले सामने आ रहे हैं तो लोगों व स्वास्थ्य कर्मियों की तत्परता के कारण तुरंत इलाज की सुविधाएं मिल रही हैं। जिससे इलाज कराकर बच्चे सुरक्षित हो रहे हैं। उन्हें सरकारी अस्पताल में मुफ्त इलाज व एम्बुलेंस के साधन या निजी वाहन से नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में इलाज की व्यवस्था के विषय में जानकारी दी जा रही है। उन्होंने माता पिता व स्वास्थ्य कर्मियों से अपील की है कि चमकी के मामलों में बिल्कुल भी देर न करें। लक्षण सामने आने पर तुरंत इलाज की व्यवस्था उपलब्ध कराएं। साथ ही सीएस कार्यालय को सूचित करें।
मुसहर दलित टोला में लगा चौपाल-
पूर्वी चम्पारण जिले के अनुमंडलीय अस्पताल पकडी़दयाल के धनौजी पंचायत वार्ड 06 मठवा मुसहर दलित टोला में एईएस से बचाव को चौपाल का आयोजन किया गया। जिसमें बीसीएम अनिल मंडल, महिला पर्यवेक्षिका प्रिया, केयर इंडिया के प्रखण्ड प्रबंधक सतीश कुमार सिंह, जेडएलपीपी फैसिलिटेटर सूरज कुमार, एएनएम, सेविका, सहायिका, जीविका, विकाश मित्र द्वारा ग्रामीणों को चौपाल में जानकारी दी गई कि जानकारी ही सर्वप्रथम बचाव है। चमकी बुखार की पहचान, लक्षण, देखभाल, बचाव, सावधानियां, एम्बुलेंस का नम्बर इत्यादि के बारे में विस्तृत चर्चा की गई। चौपाल में उपस्थित लोगों के साथ जनप्रतिनिधियों से भी अनुरोध किया गया कि वह अपने आसपास के बच्चों पर ध्यान दे, तथा चौपाल में मिली जानकारी को ज्यादा से ज्यादा लोगों में फैलाएं।
चमकी से बचाव के उपाय-
डीभीडीसीओ डॉ शरतचन्द्र शर्मा ने बताया कि बढ़ रहे तापमान में चमकी /एईएस का बढ़ना तय है। इससे बचाव के लिये अभिभावक अपने बच्चे को धूप से बचाएं। रात को किसी भी हालत में भूखे नहीं सोने दें। दिन में एक बार ओआरएस घोल कर जरूर पिलाएं। बच्चे को कच्चे फल नहीं खाने दें। बच्चा अगर घर में भी है तो घर की खिड़की व दरवाजा बंद नहीं करें। हवादार रहने दें। साफ सफाई पर ध्यान दें। अपने क्षेत्र की आशा, चिकित्सकों व नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र के नम्बर अपने पास रखें।




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