पेरिस से हिन्दी सीखने भारत पहुंचा रोबोट,राजस्थान के शहर उदयपुर में चलेगी क्लास
आजाद नेब ब्यूरो चीफ राजस्थान
जयपुर 30 अप्रैल। फ्रांस की राजधानी पेरिस से हिंदी सीखने के लिए पहला फ्रांसीसी ह्यूमेनॉयड रोबोट ‘नाओ’ झीलों की नगरी उदयपुर आया है। पहले से 19 भाषाएं जानने वाले ‘नाओ’ जब हिन्दी सीख लेगा तो दूसरे रोबोट में हिन्दी प्रोग्रामिंग के माध्यम से दुनिया में पहुंच सकेगी। टेक्नो इंडिया के निदेशक आरएस व्यास ने बताया कि ह्यूमेनॉयड रोबोट का पांचवां संस्करण है। नाओ किसी भी तरह की जानकारी दे सकता है। इसकी लंबाई 58 सेंटीमीटर है। दुनिया में अब 10 हजार नाओ रोबोट बेचे जा चुके हैं। यह इंटरनेट पर गूगल सहित खास तरह की प्रोग्रामिंग के जरिए आवाज को सर्च कर एक्शन करता है और सवालों के जवाब देता है। वाई-फाई से कनेक्ट करते ही इसके भीतर का कम्प्यूटर स्क्रीन हो जाता है। व्यास ने बताया कि राजस्थान में यह अपनी तरह का पहला रोबोट है, जो कलडवास के टेक्नो इंडिया एनजेआर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी में पहुंचा है। व्यास ने बताया कि ‘नाओ’ कार चला सकता है, अमेजन जैसी ऑनलाइन साइट से अपनी पसंद की चीजें मंगवा सकता है, गाना गा सकता है और ऑर्केस्ट्रा के साथ संगीत की धुनें रचने सहित कितने ही करतब कर सकता है। इसके अलावा मिडिल प्रबंधन कर सकता है। एक्सेल सीट भर देता है।




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