छपरा मे गंगा दशहरा पर श्रधालुओ ने लगायी गंगा मे डुबकी
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दिग्विजय सिंह बबलू की रिपोर्ट
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डोरीगंज
गंगा दशहरा स्नान को ले रविवार की सुबह डोरीगंज व बंगाली बाबा घाट पर स्नानार्थी श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी।
इस खास स्नान के महत्व को लेकर विशेष रूप से महिला स्नानार्थियो की आस्था व उत्साह पुरूषो के मुकाबले बढचढ कर दिखा ।दूर दराज के ईलाको से चलकर पहुँची अलग अलग टोलियो मे विभक्त महिला श्रद्धालुो की मंडली शनिवार की रात से ही डोरीगंज के आस पास के स्कूल परिसरो व मंदिरो मे डेरा जमाए हुए थी और जैसे ही रविवार की सुबह ब्रम्ह मूुहूर्त की वेला का आभाष हुआ कि श्रद्धालु विभिन्न घाटो की ओर बढ चले और प्रातः तीन बजे से ही पवित्र गंगा स्नान का सिलसिला शुरू हो गया ।स्नान देर शाम तक जारी रहा ।इस दौरान लोगो ने पवित्र गंगा स्नान व दान के साथ गंगा तट स्थित मंदिर मे जाकर भगवान शिव का जलाभिषेक भी किया व सुख समृद्धि की कामना की।
जानकारो के मुताबिक यह माना जाता है कि गंगा का अवतरण आज ही के दिन घरती पर हुआ था। जिनकी पवित्र जलधारा के स्पर्श मात्र से भागीरथ के 60 हजार पुरखों का गंगा ने उद्धार किया।
शास्त्रो मे वर्णित इस गंगा स्नान के महत्व स्पष्ट करते हुए पंडित पशुपति नाथ मिश्रा व कर्मकाण्डी बाबा महेश दास ने बताया कि राजा सगर के 60 हजार पुत्रो का उद्धार करने के लिए राजा भागीरथ ने हजारों साल तपस्या की जिसके पश्चात आज ही के दिन गंगा को स्वर्ग लोक से धरती पर लाए और अपने 60 हजार पुरखों का उद्धार किया इसी लिए माना जाता है कि गंगा जब धरती पर अवतरित हुई ।तब 10 तरह के ग्रह योग मौजूद थे। इसी लिए गंगा दशहरा को दस तरह के पापों को दूर करने वाली पतित पावनि व पापनाशिन भी माना जाता है




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