छत्तीसगढ़:- नक्स्लवाद और भारतीय सरकार 
✍ दैनिक खोज खबर साठी प० चम्पारण – संवाददाता शमीम क़मर रेयाज़ी की कलम से 👉 छत्तीसगढ़ के सुकमा में नक्सलियों ने घातक हमले को अंजाम देकर हमारे 26 जवानों को मौत की नींद सोलादिया ,वही कई जवान गम्भीर रूप से घायल हैं जो मौत से बाज़ी जितने के लिए अस्पतालों में संघर्ष कर रहे हैं ,हर बार की तरह इस बार भी भारतीय सरकार की ओर से निंदा,श्रद्धांजलि, आश्वासन का बाजार गर्म है। आज नक्सलवाद के भेंट 26 जवानों की बलिदान की भरपाई के लिए गृह मंत्रालय या प्रधानमंत्री कार्यालय से सोग व्यक्त करना काफी नहीं है , पुरे भारतवासियों में ग़म और गुस्सा है सब का खून खौल रहा है इस बलिदान का बदला नक्सलियों की खून से ली जाये , सुशल मिडिया पे लोग सरकार को इस घटना में ज़िम्मेदार ठहरा रहे हैं ,यह स्वाभाविक भी है ,क्यों की छत्तीसगढ़ में नक्सली हमले का होना नई बात नहीं है विगत कुछ ही वर्षों में हज़ारों जवान ने शहादत के जाम को देश की खातिर पिया है ।
हम सरकार से पूछना चाहते हैं क्यों हर बार हमारे बहादुर जवान खून की आहुति देते रहेंगे और शहीद का तमगा लेते रहेंगे , क्या आज समय की आवश्यक्ता छतीसगढ़ में सर्जिकल स्ट्राइक का नहीं है , पुरे छत्तीसगढ़ ही नहीं देश के किसी भी कोने में कोई भी नक्सली घटना हो या आतंकी घटना हम उसका मुहतोड़ जवाब देंगे ,अगर नक्सली या आतंकी हमारे दो जवानों को शहीद करते हैं तो हम 20 मारेंगे तब जाकर देश वासियों को सुकून और हमारे शहिदों की आत्मा को शांति नसीब होगी।  हमारी सरकार नक्सलवादियों के खिलाफ खुली कार्यवाही का आदेश जारी करे , आवश्यक्ता अनुसार दूसरे राज्यों से जवानों की बटालियन बुलाई जाये और नक्सलवाद को खत्म करने की हर मुमकिन कोशिस की जाये , नक्सलियों को अगर निंदा की भाषा समझ में आती या उनको  सरकार के द्वारा कड़ी कार्यवाही का अंदाजा होता तो इस तरह की दिल दहला देने वाला घटना को अंजाम देने की हिम्मत नहीं जुटा पाते , 
और भी ग़म हैं ज़माने में मोहब्बत के सेवा !  सरकार कब नींद से जागेगी ,कब आँखों से धर्म की राजनीति का पट्टी निकाल फेंकेगी, और एक ज़िम्मेदार सरकार होने का सबूत पेश करेगी , नक्सली घटनाओं के जवाब में मोदी सरकार निर्णायक कदम उठाये , हम ऐसी कड़ी कार्यवाही नक्सलियों के खिलाफ चाहते हैं जिस के अंजाम को देख नक्सलिस्म की रूह कांप जाये ॥