हमारे अटल बिहारी वाजपेयी 
🅿प्रस्तुति : श्रीनारद फाउंडेशन : सीवान 

💢भारत रत्न, पूर्व प्रधानमंत्री , कवि ,पत्रकार व लोकप्रिय राजनेता हमारे अटल बिहारी वाजपेयी जी का आज जन्म दिवस है । भारत रत्न वाजपेयी जी का  जन्म २५ दिसंबर, १९२४ को हुआ था । वे विद्यार्थी जीवन में ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़ गए और उन्होंने अपना सार्वजनिक  जीवन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रचारक के रूप में  रहने का संकल्प लेकर प्रारम्भ किया था और देश के सर्वोच्च पद पर पहुँचने तक उस संकल्प को पूरी निष्ठा से निभाया। 
वे इस दौरान  लम्बे समय तक राष्ट्रधर्म, पांचजन्य और वीर अर्जुन आदि राष्ट्रीय भावना से ओत-प्रोत अनेक पत्र-पत्रिकाओं का सम्पादन भी किया। 
 वे पहले १६ मई से १ जून १९९६ तथा फिर १९ मार्च १९९८ से २२ मई २००४ तक भारत के प्रधानमंत्री रहे। वे एक राजनेता के साथ – साथ कवि, पत्रकार व प्रखर वक्ता भी हैं। 
वे  राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार के पहले प्रधानमन्त्री थे जिन्होंने गैर काँग्रेसी प्रधानमन्त्री पद के 5 साल बिना किसी समस्या के पूरे किए। उन्होंने 24 दलों के गठबंधन से सरकार बनाई थी जिसमें 81 मन्त्री थे। कभी किसी दल ने आनाकानी नहीं की। इससे उनकी नेतृत्व क्षमता का पता चलता है ।
 🌐कवि अटल जी 
💢अटल बिहारी वाजपेयी राजनीतिज्ञ होने के साथ-साथ एक कवि भी हैं। मेरी इक्यावन कविताएँ अटल जी का प्रसिद्ध काव्यसंग्रह है। वाजपेयी जी को काव्य रचनाशीलता एवं रसास्वाद के गुण विरासत में मिले हैं। उनके पिता कृष्ण बिहारी वाजपेयी ग्वालियर रियासत में अपने समय के जाने-माने कवि थे। वे ब्रजभाषा और खड़ी बोली में काव्य रचना करते थे। पारिवारिक वातावरण साहित्यिक एवं काव्यमय होने के कारण उनकी रगों में काव्य रक्त-रस अनवरत घूमता रहा है। उनकी सर्व प्रथम कविता ताजमहल थी। इसमें शृंगार रस के प्रेम प्रसून न चढ़ाकर “एक शहंशाह ने बनवा के हसीं ताजमहल, हम गरीबों की मोहब्बत का उड़ाया है मजाक” की तरह उनका भी ध्यान ताजमहल के कारीगरों के शोषण पर ही गया। वास्तव में कोई भी कवि हृदय कभी कविता से वंचित नहीं रह सकता। राजनीति के साथ-साथ समष्टि एवं राष्ट्र के प्रति उनकी वैयक्तिक संवेदनशीलता आद्योपान्त प्रकट होती ही रही है। उनके संघर्षमय जीवन, परिवर्तनशील परिस्थितियाँ, राष्ट्रव्यापी आन्दोलन, जेल-जीवन आदि अनेक आयामों के प्रभाव एवं अनुभूति ने काव्य में सदैव ही अभिव्यक्ति पायी। विख्यात गज़ल गायक जगजीत सिंह ने अटल जी की चुनिंदा कविताओं को संगीतबद्ध करके एक एल्बम भी निकाला है ।
🔴उनकी कुछ प्रमुख प्रकाशित रचनाएँ इस प्रकार हैं :
👉मृत्यु या हत्या
👉अमर बलिदान (लोक सभा में अटल जी के वक्तव्यों का संग्रह)
👉कैदी कविराय की कुण्डलियाँ
👉संसद में तीन दशक
👉अमर आग है
👉कुछ लेख: कुछ भाषण
👉सेक्युलर वाद
👉राजनीति की रपटीली राहें
👉बिन्दु बिन्दु विचार, इत्यादि।
 🌐बेवाक अटल जी
💢हमारे अटल बिहारी वाजपेयी चाहे प्रधान मन्त्री के पद पर रहे हों या नेता प्रतिपक्ष; बेशक देश की बात हो या क्रान्तिकारियों की, या फिर उनकी अपनी ही कविताओं की नपी-तुली और बेवाक टिप्पणी करने में अटल जी कभी नहीं चूके। यहाँ पर उनकी कुछ टिप्पणियाँ जो आज भी लोग याद करते है । प्रस्तुत कर रहा हूॅ ।
👉वर्षो पहले लोक सभा में माननीय अटल बिहारी वाजपेयी जी ने कांग्रेस के  सांसदों से कहा था कि आज हमारी एक छोटी हार पर आप  हंस रहें है, लेकिन वह दिन जल्द आने वाला है जब पुरे देश में हमारी सरकारें होगी और आप चुनाव दर-दर हार रहे होगें । उस दिन पुरा देश आप पर हंस रहा होगा ।
👉”भारत को लेकर मेरी एक दृष्टि है- ऐसा भारत जो भूख, भय, निरक्षरता और अभाव से मुक्त हो।”
👉”क्रान्तिकारियों के साथ हमने न्याय नहीं किया, देशवासी महान क्रान्तिकारियों को भूल रहे हैं, आजादी के बाद अहिंसा के अतिरेक के कारण यह सब हुआ।”
👉”मेरी कविता जंग का ऐलान है, पराजय की प्रस्तावना नहीं। वह हारे हुए सिपाही का नैराश्य-निनाद नहीं, जूझते योद्धा का जय-संकल्प है। वह निराशा का स्वर नहीं, आत्मविश्वास का जयघोष है।”
 🌐भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी 

💢 हमारे अटल बिहारी वाजपेयी  स्वतंत्रत भारत के उन गिने-चुने राजनेताओं में है जो पुरे देश एक लोकप्रिय राजनेता के रूप में पहचाने जाते है । देश ही नहीं विदेशों में भी अटल जी को सुनने वालों की एक अच्छी खासी संख्या है । वे अपने पुरे राजनैतिक जीवन में एक सदाबहार व आजादशत्रू राजनेता रहें । देश से लेकर विदेशों तक उन्हे कई सम्मान मिल चुके है । वर्तमान सरकार ने वर्ष 2014 के उनके जन्म दिवस पर भारत रत्न दे कर सम्मानित किया ।
🔴अटल जी को मिले अभी तक के कुछ प्रमुख सम्मान 
👉1992 : पद्म विभूषण
👉1993 : डी लिट (कानपुर विश्वविद्यालय)
👉1994 : लोकमान्य तिलक पुरस्कार
👉1994 : श्रेष्ठ सासंद पुरस्कार
👉1994 : भारत रत्न पंडित गोविंद वल्लभ पंतपुरस्कार
👉2014 दिसम्बर : भारत रत्न से सम्मानित।
👉2015 : डी लिट (मध्य प्रदेश भोज मुक्त विश्वविद्यालय)
👉2015  : ‘फ्रेंड्स ऑफ बांग्लादेश लिबरेशन वार अवॉर्ड’, (बांग्लादेश सरकार द्वारा प्रदत्त)
 🌐दूरदर्शी प्रधानमंत्री अटल जी
💢 देश के प्रधानमंत्री के रूप में हमारे अटल बिहारी वाजपेयी एक दूरदर्शी प्रधानमंत्री के रूप में भारतीय राजनीति के इतिहास में  जाने जाएगे । उन्होंने विपरीत परिस्थितियों में केवल शासन ही नहीं किया बल्कि वे देश के पहले ऐसे गैर कांग्रेसी प्रधानमंत्री रहें जिन्होंने अपना कार्यकाल पुरा किया । यही नहीं भारत को परमाणु शक्ति सम्पन्न राष्ट्र बनाने का पुरा श्रेय इन्हे ही जाता है ।
🔴देश के प्रधानमंत्री के रूप अटल जी की प्रमुख उपलब्धियां 
👉 भारतीय परमाणु परीक्षण
अटल सरकार ने ११ और १३ मई १९९८ को पोखरण में पाँच भूमिगत परमाणु परीक्षण विस्फोट करके भारत को परमाणु शक्ति संपन्न देश घोषित कर दिया। इस कदम से उन्होंने भारत को निर्विवाद रूप से विश्व मानचित्र पर एक सुदृढ वैश्विक शक्ति के रूप में स्थापित कर दिया। यह सब इतनी गोपनीयता से किया गया कि अति विकसित जासूसी उपग्रहों व तकनीकी से संपन्न पश्चिमी देशों को इसकी भनक तक नहीं लगी। यही नहीं इसके बाद पश्चिमी देशों द्वारा भारत पर अनेक प्रतिबंध लगाए गए लेकिन वाजपेयी सरकार ने सबका दृढ़तापूर्वक सामना करते हुए आर्थिक विकास की ऊचाईयों को छुआ।
👉पाकिस्तान से संबंधों में सुधार की पहल
19 फ़रवरी 1999 को सदा-ए-सरहद नाम से दिल्ली सेलाहौर तक बस सेवा शुरू की गई। इस सेवा का उद्घाटन करते हुए प्रथम यात्री के रूप में वाजपेयी जी ने पाकिस्तान की यात्रा करके नवाज़ शरीफ से मुलाकात की और आपसी संबंधों में एक नयी शुरुआत की।
👉कारगिल युद्ध
 पाकिस्तान के तत्कालीन सेना प्रमुख परवेज़ मुशर्रफ की शह पर पाकिस्तानी सेना व उग्रवादियों ने कारगिल क्षेत्र में घुसपैठ करके कई पहाड़ी चोटियों पर कब्जा कर लिया। अटल सरकार ने पाकिस्तान की सीमा का उल्लंघन न करने की अंतर्राष्ट्रीय सलाह का सम्मान करते हुए धैर्यपूर्वक किंतु ठोस कार्यवाही करके भारतीय क्षेत्र को मुक्त कराया। इस युद्ध में प्रतिकूल परिस्थितियों के कारण भारतीय सेना को जान माल का काफी नुकसान हुआ और पाकिस्तान के साथ शुरु किए गए संबंध सुधार एकबार फिर शून्य हो गए।
👉स्वर्णिम चतुर्भुज परियोजना
भारत भर के चारों कोनों को सड़क मार्ग से जोड़ने के लिएस्वर्णिम चतुर्भुज परियोजना (अंगरेजी में- गोल्डन क्वाड्रिलेट्रल प्रोजैक्ट या संक्षेप में जी क्यू प्रोजैक्ट) की शुरुआत की गई। इसके अंतर्गत दिल्ली, कलकत्ता, चेन्नई वमुम्बई को राजमार्ग से जोड़ा गया। ऐसा माना जाता है कि अटल जी के शासनकाल में भारत में जितनी सड़कों का निर्माण हुआ इतना केवल शेरशाह सूरी के समय में ही हुआ था।
👉एक सौ साल से भी ज्यादा पुराने कावेरी जल विवाद को सुलझाया।
👉संरचनात्मक ढाँचे के लिये कार्यदल, सॉफ्टवेयर विकास के लिये सूचना एवं प्रौद्योगिकी कार्यदल, विद्युतीकरण में गति लाने के लिये केन्द्रीय विद्युत नियामक आयोग आदि का गठन किया।
👉राष्ट्रीय राजमार्गों एवं हवाई अड्डों का विकास; नई टेलीकॉम नीति तथा कोकण रेलवे की शुरुआत करके बुनियादी संरचनात्मक ढाँचे को मजबूत करने वाले कदम उठाये।
👉राष्ट्रीय सुरक्षा समिति, आर्थिक सलाह समिति, व्यापार एवं उद्योग समिति भी गठित कीं।
👉आवश्यक उपभोक्ता सामग्रियों की कीमतें नियन्त्रित करने के लिये मुख्यमन्त्रियों का सम्मेलन बुलाया।
👉उड़ीसा के सर्वाधिक गरीब क्षेत्र के लिये सात सूत्रीय गरीबी उन्मूलन कार्यक्रम शुरू किया।
👉आवास निर्माण को प्रोत्साहन देने के लिए अर्बन सीलिंग एक्ट समाप्त किया।
👉ग्रामीण रोजगार सृजन एवं विदेशों में बसे भारतीय मूल के लोगों के लिये बीमा योजना शुरू की।