
• विवेकानंद सिंह।
दैनिक खोज ख़बर, छपरा (सारण)/बलिया(15 जनवरी)- सुशील कुमार सिंह का जन्म, 15 जनवरी, 1929 को सारण ज़िला के ग्राम आमी, जहाँ अम्बिका शक्तिपीठ है, के नरौनीपट्टी निवासी, मुनेश्वर सिंह एडवोकेट के घर में हुआ था, आप अपने चार भाइयों यथा – कमल, सुशील, गोरख और सुरेश में दूसरे भाई थे, आपके ताऊजी,
पूर्व पुलिस उपाधीक्षक, स्व. नन्दलाल सिंह, श्री अम्बिका उच्च विद्यालय, आमी के सचिव थे। छपरा नगर में ‘सुशील बाबू’ के नाम से ख्यात, सुशील कुमार सिंह की प्रारंभिक शिक्षा छपरा में हुई, तत्पश्चात् आपने पटना विश्वविद्यालय से अर्थशास्त्र से एम.ए. और फिर बी.एल. की परीक्षा उत्तीर्ण की। 1947 में आपका विवाह, अमनौर (सारण) की स्वतंत्रता संग्राम सेनानी और प्रथम बिहार विधानसभा की सदस्य, वीरांगना बहुरिया, रामस्वरूप देवी (प्रथम विधायक, मढ़ौरा विधानसभा) के सहोदर भाई, त्रिमुहान (भागलपुर) के अम्बिका सिंह की इकलौती पुत्री, दुर्गेशनन्दिनी देवी से संपन्न हुआ और 1951 में आपको राजेन्द्र कॉलेज, छपरा में अर्थशास्त्र के व्याख्याता पद पर नियुक्ति मिली, उसके बाद 1962 से लेकर 31 जनवरी, 1991, यानी लगभग 29 वर्षों तक आप जगदम कॉलेज, छपरा के प्राचार्य रहे। जहाँ आपने अपनी लगन एवं निष्ठा से जगदम कॉलेज को शिक्षण, अनुशासन और खेल के क्षेत्र में एक अग्रणी कॉलेज बना दिया। आपके कुशल मार्गदर्शन में जगदम कॉलेज ने विश्वविद्यालीय प्रतियोगिताओं में निरंतर कई वर्षों तक चैंपियन रहकर अन्यतम प्रसिद्धि प्राप्त की। आपके संपूर्ण कार्यकाल में कॉलेज में कभी कोई छात्र आन्दोलन या कोई कर्मचारी आन्दोलन नहीं देखा गया।
राजेंद्र कॉलेज में नियुक्ति के पाँच वर्ष बाद ही आप तत्कालीन अविभक्त बिहार विश्वविद्यालय के सिनेट के सदस्य निर्वाचित हुए और अवकाश ग्रहण करने तक सदस्य बने रहे, इसके अलावा आप अपने विश्वविद्यालय के विभिन्न निकायों और समितियों के भी सदस्य रहे।
सुशील कुमार सिंह ने अपने आपको मात्र शैक्षणिक दायित्वों तक ही सीमित नहीं रखा, अपितु अपने समाज-सेवा के उत्कृष्ट भावों के चलते आप पत्रकारिता से जुड़े और बिहार के महत्वपूर्ण दैनिकपत्रों, यथा – सर्चलाइट, आर्यावत्त, इण्डियन नेशन, स्टेट्समैन तथा टाइम्स ऑफ इण्डिया के लिए कई वर्षों तक संवाददाता का कार्य किया। कालांतर में आपको सारण ज़िला पत्रकार संघ का सभापति चुना गया, आपकी निष्ठा और प्रतिबद्धता को देखते हुए स्थानीय प्रशासन और राज्य सरकार ने विभिन्न समितियों में आपको सम्मानित सदस्य के रूप में मनोनीत किया और आपने अपने उचित परामर्शो से उन सभी समितियों को लाभान्वित किया। आप लगातार कई वर्षों तक स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया के बोर्ड ऑफ़ डायरेक्टर्स के सदस्य रहे और एनसीसी महानिदेशालय ने आपको मानद लेफ्टीनेंट-कर्नल की उपाधि भी दी। आपके कार्यों को देखते हुए प्रादेशिक समाचारपत्रों ने कई बार आपके विषय में प्रशंसात्मक सम्पादकीय टिप्पणियाँ लिखीं।
छपरा नगर और सारण ज़िला के खेल-जीवन में सुशील बाबू की क्रियाशीलता को देखते हुए उन्हें खेलों के विकास हेतु सारण स्पोट्स एसोसिएशन का महामंत्री निर्वाचित किया गया। इस बीच तत्कालीन आयुक्त, रामाशंकर तिवारी, आईएएस के प्रयास से बिहार सरकार ने छपरा में स्टेडियम के निर्माण हेतु एक बड़ी धनराशि का आवंटन किया और फिर छपरा नगर में राज्यस्तरीय खेल-कूद का ऐतिहासिक आयोजन किया गया। सुशील बाबू ने सारण के उभरते खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने के लिए सारण ज़िला क्रिकेट तथा सारण ज़िला बैडमिण्टन एसोसिएशनों की स्थापना की और उन्हें राज्यस्तरीय संघों से सम्बद्ध करवाया, जिसके चलते कई एक एसोसिएशन ने छपरा को ही अपने राज्यस्तरीय प्रतियोगिताओं का केन्द्र चुना।
परन्तु अफ़सोस, 26 जनवरी, 1992 को सुशील कुमार सिंह का स्वर्गवास हो गया, आप अपने पीछे दो बेटियों और पाँच बेटों का भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं।
आपकी स्मृति में गठित स्व० प्राचार्य सुशील कुमार सिंह स्मारक समिति के तत्वावधान में प्रतिवर्ष राजपूत उच्च विद्यालय इनडोर स्टेडियम, छपरा में ज़िलास्तरीय बैडमिन्टन प्रतियोगिता का आयोजन किया जाता है, इस वर्ष भी उपरोक्त आयोजन समिति के अध्यक्ष, प्रो. कृष्ण कुमार द्विवेदी एवं सचिव, ब्रजकिशोर सिंह की देखरेख में 13 जनवरी से 15 जनवरी, 2026 तक उक्त प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसका उद्घाटन, विनय कुमार सिंह (विधायक, सोनपुर) ने किया। इस कार्यक्रम में डा. के.पी. श्रीवास्तव (प्राचार्य, जगदम कॉलेज), डा. प्रमेन्द्र रंजन सिंह (प्राचार्य, गंगा सिंह कॉलेज), भाजपा के ज़िला महामंत्री, विवेक कुमार सिंह, रत्नेश कुमार सिंह और ज्ञानेश कुमार सिंह आदि शामिल थे।




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