सारण : एकमा स्टेशन परिसर से दिनदहाड़े बाइक चुराते कथित चोर धराया, लोगों ने पकड़कर पुलिस को सौंपा

– युवक ने खुद को बताया परीक्षार्थी, बयान संदिग्ध

– आखिर मास्टर चाबी सहित स्टेशन परिसर किस मकसद से पहुंचा

रिपोर्ट : के. के. सेंगर/छपरा/एकमा (सारण) : मंगलवार को दिन दहाड़े स्टेशन परिसर में खड़ी एक बाइक का लॉक तोड़कर चोरी करने के आरोप में एक युवक की पिटाई कर कुछ लोगों ने पकड़ कर एकमा थाने की पुलिस के हवाले कर दिया। मामले में पुलिस जांच-पड़ताल में जुटी है।
मिली जानकारी के अनुसार स्टेशन रोड निवासी स्वामीनाथ चौधरी अपनी बाइक अपने घर के समीप स्टेशन परिसर में खड़ी किए थे। आरोप है कि इसी दौरान अपराह्न करीब दो बजे उनकी खड़ी बाईक की लॉक को एक युवक ने मास्टर चाबी से खोलकर इधर-उधर देखने के बाद बाइक स्टार्ट कर भागने की फिराक में ही था कि बाइक स्वामी स्वामीनाथ चौधरी के परिवारवालों व आसपास के ग्रामीणों सहित दुकानदारों ने कथित बाइक चोर को पकड़ कर पिटाई कर दी। इसके बाद लोगों ने युवक को एकमा थाने की पुलिस के हवाले कर दिया।
इस बीच पुलिस की पूछताछ में कथित बाइक चोर युवक की शिनाख्त सीवान जिले के आंदर थाना इलाके के भरौली गांव निवासी राजेश सिंह के पुत्र अभिषेक सिंह के रुप में की गई है।

*युवक ने खुद को बताया परीक्षार्थी, बयान संदिग्ध*

*- आखिर मास्टर चाबी सहित स्टेशन परिसर किस मकसद से पहुंचा,*

हालांकि पुलिस के समक्ष युवक ने स्वयं को बीए का एडमिट कार्ड दिखाकर परीक्षार्थी बताया है।
लेकिन यह जांच का विषय है कि अगर वह परीक्षार्थी है, तो उसको परीक्षा देने परीक्षा हॉल में होना चाहिए था। अथवा परीक्षा समाप्त हो जाने के बाद अपने सिवान जिले स्थित घर को वापस जाना चाहिए था। लेकिन वह एकमा रेलवे स्टेशन परिसर में कैसे और किस लिए आया था? ग्रामीणों का आरोप है कि उन लोगों ने मास्टर चाबी से बाइक की लॉक तोड़ते हुए देखा था। पकड़े युवक को पुलिस को सौंपते हुए लोगों ने उसके पास से बरामद मास्टर चभी भी पुलिस के हवाले किया है।
बीते महीनों में हुई बाइक चोरी की वारदातों पर नजर डालें तो हर हफ्ते किसी न किसी की बाइक स्टेशन परिसर से पलक झपकते ही चोरी हुई है। हालांकि इसकी रिपोर्ट राजकीय रेल थाना छपरा जंक्शन पर होती है। इसलिए शिकार अधिकांश लोग छपरा जंक्शन स्थित राजकीय रेल थाना रिपोर्ट लिखने के लिए नहीं पहुंच पाते हैं। क्योंकि इसमें से अधिकांश लोगों की गाड़ी के बीमा संबंधी कागजात फेल रहते हैं। इसलिए रिपोर्ट लिखाने से क्लेम मिलने कोई फायदा नहीं समझते हैं।
वहीं कुछ लोगों का आरोप है कि राजकीय रेल थाना पुलिस के द्वारा भी रिपोर्ट लिखाने रेल थाना आने वाले लोगों से सनहा दर्ज कराने का दबाव बनाया जाता है। इतना ही नहीं अनावश्यक काफी रेल थाने का चक्कर लगवाया जाता है। जिससे थक हार कर पीड़ित लोग अपनी रिपोर्ट नहीं दर्ज करा पाते हैं। अगर रिपोर्ट लिखने की नौबत आती भी है तो सनहा दर्ज कराने का ही आवेदन लिखकर देने का राजकीय रेल पुलिस द्वारा दबाव बनाया जाता है। वहीं एकमा थाने की पुलिस यह कह कर आवेदन लेने से अपना पल्ला झाड़ लेती है कि रेलवे स्टेशन परिसर में होने वाली चोरियों की रिपोर्ट राजकीय रेल थाना छरा जंक्शन में ही लिखी जाएगी। इसलिए वहां के बाइक चोरी आदि अपराध की रिपोर्ट को लिखना हमारे थाना पुलिस के अधिकार क्षेत्र के बाहर का मामला है।