सारण:मशरक में बाघ की खबर पर बन विभाग ने की जांच, फिशिंग कैट होने की जताया संभवना 

मशरक :-स्थानीय प्रखंड के गंगौली गांव में ग्रामीणोंं को दिखे बाघ की बन विभाग द्वारा पुष्टि नहीं हो पा रही है । मंगलवार को बाघ की शक्ल की जंतु दिखने पर स्थानीय मुखिया प्रतिनिध सुखदेव मांझी की सूचना पर प्रशासन हरकत में आया था । बन विभाग की टीम ने गांव के खरहूल और आसपास के क्षेत्रों में जंगली जानवर के पांव के निशानों की जांच किया। लेकिन बाघ के पैरों के निशान नहीं मिले।

24 घंटे से दहशत में रह रहे लोगों को बन विभाग के अधिकारीयों ने बताया की बाघ के शक्ल का फिशिंग कैट होता है । पैर के निशान और देखें व्यक्ति से लिये हुलिया से फिशिंग कैट ही होने की सम्भावनाएं लग रही है।

इस संबंध में बन अधिकारी एस के पंडित ने बताया की बाघ होने की पुष्टि नहीं हो पा रही है। हुलिया और पैर के निशान से फिशिंग कैट होने की सम्भावना है। फिशिंग कैट मछली की अहार लेता है । जो नदियां या तालाब के आसापास पहुंच मछलियों का शिकार करता है ।