सांसद रुडी ने लोकसभा में उठाया मुद्दा, ग्रामीण बैंक के लिए चयनित युवाओं को मेघालय में योगदान देने से रोकने का है मामला
#बिहार के साथ साथ झारखंड, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल समेत अन्य राज्यों से संबंधित है चयनित युवा

(छपरा) :सारण, 01 अगस्त, 2018 : जनहित के मुद्दों को समय-समय पर सदन में उठाने वाले सारण लोकसभा क्षेत्र से भारतीय जनता पार्टी के सांसद राजीव प्रताप रुडी ने इस बार लोकसभा में बैंकिंग क्षेत्र से जुड़े युवाओं की समस्या को उठाया है। पिछले वर्ष ग्रामीण बैंक की नौकरी की परीक्षा में उतिर्ण युवाओं को मेघालय के ग्रामीण बैंक में नियुक्ती का प्रमाण पत्र दिया गया। लेकिन स्थानीय यूनियन द्वारा चयनित युवाओं को वहां योगदान देने में बाधा डाल दिया गया है जिस कारण ये सभी युवा अपने भविष्य को लेकर चिंतित है। इस संदर्भ में सांसद ने शुन्यकाल में लोकसभा अध्यक्षा श्रीमती सुमित्रा महाजन के समक्ष विषय को रखते हुए बताया कि किस प्रकार ये युवा पिछले एक वर्ष से अपने भविष्य को लेकर परेशान है।
श्री रुडी ने कहा कि पिछले जून माह में बच्चों का एक समुह जिसमें मेरे गृह राज्य बिहार के साथ साथ झारखंड, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल के भी बच्चे थे, मुझसे मिलने आया था। उन्होनें मुझे बताया कि एक वर्ष पूर्व उनका चयन ग्रामीण बैंक में पीओ के पद पर हुआ और उनका पदस्थापन मेघालय राज्य के ग्रामीण बैंक में हुई। पर जब ये लोग वहां गये तो स्थानीय यूनियन द्वारा उन लोगों को वहां योगदान करने से रोक दिया गया। सांसद ने बताया कि यह समस्या उन 40 बच्चों के साथ है जिनकों मेघालय में योगदान देने के लिए भेजा गया था। एक वर्ष से ये बच्चे अपनी समस्या को लेकर विभाग के विभिन्न अधिकारियों के पास भटक रहे है, पर इसका निदान वर्तमान समय तक नहीं हुआ है।
श्री रुडी ने कहा कि जब बिहार या झारखंड के युवा आईएएस या आपीएस बनकर देश के किसी भी राज्य में अपना योगदान दे सकते है तो क्या बैंकिंग क्षेत्र में ऐसा कोई कोई ऐसा कानून या विधान है जिसके तहत किसी अन्य राज्य के युवाओं को किसी अन्य राज्य में सरकारी नौकरियों में योगदान नहीं देने दिया जायेगा। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के क्षेत्रवाद को समाप्त करने की आवश्यकता है। ताकि देश के युवाओं को देश के किसी भी क्षेत्र में नियोजित किया जा सके।