◆जूनियर अधिवक्ताओं ने जेल से सिविल कोर्ट के रास्ते में जतायी असुरक्षा एवं अन्य आशंका
◆ अदालत ने सुनवाई हेतु आवेदन को किया स्वीकार
परवेज अख्तर/सीवान. जेल के अंदर गठित विशेष अदालत में मोहम्मद शहाबुद्दीन के मामलों में पक्ष रखने के लिए अधिकृत जूनियर अधिवक्ता मोहम्मद मोबीन की ओर से असुरक्षा की आशंका को लेकर गुरुवार को एक आवेदन दिया गया. विशेष अदालत के विशेष न्यायिक दंडाधिकारी आरएस पांडे की अदालत में जेल कोर्ट व सिविल कोर्ट के रास्ते में असुरक्षा एवं अन्य आशंकाओं को लेकर आवेदन दिया गया है. दिए गए आवेदन में यह कथन किया गया है कि गत 19 सितंबर 19 को जूनियर अधिवक्ता सुनवाई के लिए जेल कोर्ट में उपस्थित हो गए. विलंब के कारण वरीय अधिवक्ता अभय कुमार राजन जब जेल गेट पर पहुंचे तो जेल प्रशासन उन्हें मोबाइल के साथ कोर्ट में प्रवेश करने पर रोक लगा दिया। जिसके वजह से अभय कुमार राजन वापस चले आए तथा किसी अनहोनी व् अप्रिय बात की आशंका को लेकर जूनियर अधिवक्ता भी कोर्ट से बाहर चले आये. आवेदन के माध्यम से जूनियर अधिवक्ता मोहम्मद मोबिन, मोहम्मद फहीम खान व उत्तीम मियां ने निवेदन किया है कि सिविल कोर्ट से लेकर जेल कोर्ट परिसर एवं जेल कोर्ट में भी उनकी सुरक्षा से जुड़ी चिंताओं को ध्यान में रखकर उचित उपाय किया जाया, ताकि सुनवाई की प्रक्रिया में गति लाया जा सके. अदालत ने सुनवाई हेतु आवेदन को स्वीकार कर लिया. अभियोजन की ओर से अस्वस्थता के चलते विशेष लोक अभियोजक जयप्रकाश सिंह गुरुवार को भी विशेष अदालत नहीं पहुंच सके थे. इस वजह से अभियोजन का पक्ष रख रहे सहायक अपर लोक अभियोजक रघुवर सिंह एवं रामराज प्रसाद ने उक्त आवेदन का लिखित जवाब देने हेतु समय का निवेदन किया जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया. अदालत में सुनवाई के लिए चार मामले पूर्व से निर्धारित थे. सभी मामलों में आंशिक सुनवाई की गई.
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